बांसवाड़ा। पीडब्ल्यूडीमें एक दिन पहले पेचवर्क के टेंडर 48 से 37 प्रतिशत कम दर पर खुले, उस जैसे ही सड़क संबंधी काम के टेंडर घाटोल उपखंड मुख्यालय स्थित पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ऑफिस में बीएसआर दर से ऊंची दरों पर खुले। वहीं टेंडर प्रक्रिया के तहत दस से पंद्रह लाख रुपए की राशि वहां मौजूद 50 ठेकेदारों में बांटी गई। जिसके तहत प्रत्येक ठेकेदार को 20 हजार 400 रुपए मिलने की जानकारी मिली है। हालांकि एक्सईएन सतीश गुप्ता इससे अंजान दिखे और कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो वे इसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
ऐसा घटा घटनाक्रम : घाटोल के पीडब्ल्यूडी कार्यालय में 7 कार्यों के टेंडर के लिए करीब 50 ठेकेदार एकत्रित हुए। विभाग द्वारा सड़कों की मरम्मत डामर पेचवर्क के 7 काम और पुल संबंधी एक काम के लिए टेंडर जारी कर निविदाएं आमंत्रित की गई थी, जिसमें हर काम 9 लाख 50 हजार रुपए का था, जिसके कारण 7 कामों की कुल लागत 66 लाख 50 हजार रुपए निर्धारित की गई।
ऐसे समझें इस खेल को : जिनठेकेदारों ने बीएसआर दर से कम दर पर निविदाएं डालकर कच्चे पेचवर्क की दर 48 प्रतिशत कम और पक्के पेचवर्क के काम 37 प्रतिशत कम दर पर लिए। उन्हीं ठेकेदारों ने घाटोल में बीएसआर दर से ऊंची दरों की निविदाएं डालकर 66 लाख 50 हजार के काम लेने में सफलता हासिल कर ली और विभाग के नियम ताक में रह गए। यदि उदाहरण के रूप में समझें तो जो 10 लाख रुपए के काम बांसवाड़ा मुख्यालय पर 6 लाख 30 हजार रुपए में होंगे। वहीं 10 लाख के काम घाटोल उपखंड क्षेत्र में 10 लाख 50 हजार रुपए में होंगे। काम होंगे तब होंगे, लेकिन एक ही प्रकार के काम के दोनों टेंडर की दरों से यह तो स्पष्ट हो गया है कि सड़कों के काम कैसे होंगे, इसका अंदाजा अभी से लगाया जा सकता है।
कस्टम से मोहन कॉलोनी - कस्टमसे लेकर मोहन कॉलोनी चौराहे तक देखें तो जवाहर पुल के पास और कुशलबाग मैदान के पास सड़क के हाल ऐसे है, जहां केवल गड्ढे ही नजर आते हैं। बीच में तो यह स्थिति है कि संभल कर नहीं चले तो एक साथ कई वाहन गड्ढों में गिर सकते है।
कस्टम से दाहोद रोड - तीसरीस्थिति कस्टम से लेकर दाहोद राेड सिंटेक्स तक की देखे। इस सड़क पर हालत बहुत ही खराब है। वीरांगना टॉकिज, पुलिस लाइन आदि के पास तो जगह जगह गड्ढे पड़े हुए हैं।