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हाईवे के दोनों ओर पानी की पाइप लाइन बिछेगी

5 वर्ष पहले
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नेशनल हाईवे के बदले जमीनें देने वालों को मिलेंगे 30 करोड़

भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा

नेशनलहाईवे के लिए अपनी जमीनें और खेत देने वालों को 30 करोड़ की सहायता मिलेगी। मसला प्रतापगढ़ से लेकर पीपलखूंट, घाटोल, बांसवाड़ा तक नेशनल हाईवे संख्या 113 के निर्माण से जुड़ा है। यह काम इसी साल पूरा होना है। अभी यहां कुछ जगह पुलिया बनाने का काम चल रहा है। यह काम पूरा होने के बाद बांसवाड़ा से प्रतापगढ़-चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा-जयपुर जाने वाली राह आसान हो सकेगी। अभी तक सबसे ज्यादा बांसवाड़ा-प्रतापगढ़ मार्ग के खुर्दबुर्द हो जाने से रही है।

उल्लेखनीय है कि इस नेशनल हाईवे के लिए ली गई जमीन के बदले काफी हद तक मुआवजा राशि दे दी जा चुकी है। अब प्रतापगढ़-पीपलखूंट और घाटोल क्षेत्रों के लोगों की ली गई जमीन का मुआवजा डीएलसी दर से दिया जा चुका है और आने वाले दिनों में इन तीनों क्षेत्रों के लोगों को विस्थापित होने और हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए माइक्रो प्लान के तहत 30 करोड़ की सहायता राशि स्वीकृत होने की संभावना है।

वहीं अभी बांसवाड़ा क्षेत्र के संबंधित लोगों को सहायता राशि उपलब्ध करवाने के लिए आकलन का काम अंतिम चरणों में है, जिसके प्रस्ताव शीघ्र भिजवा दिए जाएंगे। जिससे कि बांसवाड़ा क्षेत्र में नेशनल हाईवे संख्या 113 के लिए भूमि देने वाले संबंधित लोगों को सहायता राशि शीघ्र ही मिल सके।

घाटोल, सेनावासा, खमेरा में बस स्टैंड का निर्माण : नेशनलहाईवे निर्माण के तहत करीब 35 हैंडपंपों को हटाया गया है। साथ ही ट्रकों की पार्किंग के लिए घाटोल और सेनावासा में स्थान निर्धारित किए गए हैं और घाटोल, सेनावासा, खमेरा में बस स्टैंड का निर्माण नेशनल हाईवे विभाग द्वारा करवाया गया है। वहीं, संभागीय कृषि अनुसंधान केंद्र बोरवट बांसवाड़ा के फाॅर्म की जमीन का काफी भाग बाईपास निर्माण के लिए लिया गया है, जिसकी मुआवजा राशि मिलेगी।

इनकेलिए भी जल्द मुआवजे की उम्मीद

इसकेअलावा बोरवट से तेजपुर तक बाईपास पर आने वाले गांवों के संबंधित लोगों को भी समय रहते मुआवजा राशि मिलने की संभावना है। इसके अलावा उन्हें भी माइक्रो प्लान के तहत करीब 8 करोड़ की सहायता राशि मिलने की उम्मीद है, जिसकी कार्रवाई विभागीय स्तर पर की जा रही है।

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