खैरवा में सहस्त्र चंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति
घाटोल| उपखंडका खैरवा शुक्रवार को धर्मनरी के रूप् में नजर आया। मंदिर प्रांगण से दूर-दूर तक वैदिक मंत्रों की गूंज से माहौल धर्ममय था। जहां तक देखे वहां तक श्रद्धालु हाथों में पूजन सामग्री लिए नजर रहे थे। मौका था शिवशक्ति पीठ कल्याणधाम पर आयोजित 4 दिवसीय 51 कुंडीय श्रीविजय महालक्ष्मी सहस्त्र चंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति का। महायज्ञ में शुक्रवार को बेणेश्वर पीठाधीश्वर महंत अच्युतानंदजी महाराज भारतमाता मंदिर के प्रमुख रामस्वरूपजी महाराज का सानिध्य भी प्राप्त हुआ।
पं. निकुंज मोहन पंडया के आचार्यत्व एवं पं. लोकेश पाठक के सानिध्य में स्थापित देवता की पूजा कर ललिता सहस्त्रनामावली के हवनात्मक उच्चारण के साथ स्वर्णजड़ित श्रीयंत्र की कुमकुम अर्चन कर सिद्धी की गई। इसके बाद नीज मंदिर में विविध पूजन सहस्त्रचंडी पाठ के साथ आचार्य पंड्या के सानिध्य में वेदोेक्त मंत्रोच्चार से आशापुरा माताजी की मूर्ति स्थापित की गई। इससे पहले 501 कलशों की गंगाजल यात्रा निकाली गई।
महंत अच्युतानंदजी महाराज ने संस्कारों का सृजन करने विषय विकारों का शमन करने की सीख दी। मंहत ने कहा कि संस्कारों का सृजन ही महायज्ञ है। वहीं रामस्वरूपजी महाराज ने गौ पालन का आह्वान किया। देर शाम महाअारती प्रसादी का आयोजन भी हुआ। दोनों संतों का पगड़ी पहनाकर बहुमान खैरवा गादीपति रामसिंह, गौतमसिंह कुंंडा, शांति महाराज ग्रामीणों ने किया।
खैरवा में महायज्ञ की पूर्णाहुति पर निकाली कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु।