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मॉडल स्कूल के बच्चों को मिलेगा रोज बस का किराया

6 वर्ष पहले
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एजुकेशन रिपोर्टर | बांसवाड़ा

मॉडलस्कूल में पढ़ने जाने वाले बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर तक का किराया दिया जाएगा। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के माध्यम से संचालित इन स्कूलों के पास फिलहाल हॉस्टल नहीं है। अभी यह स्कूल गैर रिहायशी सिस्टम से ही संचालित हो रहा है। जिले में विभाग अभी केवल एक ही स्कूल को शुरू कर पाया है। जो घाटोल के हिम्मतसिंह का गढ़ा में चल रहा है, जिसे विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल का नाम दिया गया है। इस स्कूल में पढ़ने वाले 237 बच्चों को आने-जाने का बस किराया मिलेगा। यदि रोज औसत 20 रुपए माने तो भी 5740 रुपए एक दिन में सरकार खर्च करेगी। इसके पीछे सरकार की मंशा ज्यादा से ज्यादा प्रतिभावान बच्चों को ऐसे स्कूलों से जोड़ने की है।

शिक्षा विभाग की ओर से इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं दिलाई जा रही हैं, वहीं अब घर से स्कूल तक आने-जाने का खर्चा यानी बस का किराया भी हर महीने दिया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान से इसको लेकर तत्काल प्रस्ताव मांगे गए हैं। स्थानीय एडीपीसी राजेंद्रप्रसाद द्विवेदी ने पुष्टि की है कि इसके आदेश चुके है। जल्द प्रस्ताव भेजे जाएंगे।

दूसरी ओर, बांसवाड़ा जिले की 7 अन्य पंचायत समितियों में विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल शुरू करने के प्रस्ताव मंजूर हो चुके हैं। इसके लिए प्रशासन ने शिक्षा विभाग को इन पंचायत समितियों में जमीन भी दे दी गई है। अभी बजट की स्वीकृति नहीं आई है। घाटोल, गढ़ी, आनंदपुरी, सज्जनगढ़, कुशलगढ़, तलवाड़ा, बागीदौरा और छोटी सरवन में मॉडल स्कूल की स्वीकृतियां एक साथ जारी हुई थी, लेकिन इसमें से केवल हिम्मतसिंह का गढ़ा में ही भवन तैयार हुआ और पढ़ाई भी प्रारंभ हो गई है। सभी जगह मॉडल स्कूल खुलने के बाद यहां का शिक्षा स्तर और बढ़ जाएगा।

20 से 30 रुपए रोज मिलेंगे

मॉडलस्कूल में 2 से 10 किमी की दूरी से पढ़ने आने वालों को रोज 20 रुपए और जो बच्चे 10 किमी से ज्यादा दूरी से मॉडल स्कूल में पढ़ने के लिए आते जाते है, उन्हें 30 रुपए रोज एस्कार्ट भत्ता यानी बस किराया दिया जाएगा। हालांकि 2 किमी के दायरे में आने वाले बच्चों के लिए अभी विभाग के कोई निर्देश नहीं हैं।