- Hindi News
- हादसे की आशंका से कर्मचारी हैं परेशान, विभाग के अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
हादसे की आशंका से कर्मचारी हैं परेशान, विभाग के अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
सात साल से जर्जर पशु चिकित्सालय भवन
समस्या
सातसाल से किराए के भवन में चल रहा पशु चिकित्सालय भवन जर्जर एवं खस्ताहाल है। पशु चिकित्साल भवन की दीवारों में जगह-जगह दरारें गई हैं। कर्मचारियों में भवन ढहने को लेेकर आशंका बनी हुई है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा सात साल से भवन का किराया भी निर्धारित नहीं किया गया है।
चिकित्सालय में कार्यरत पशु चिकित्सक कौशल मंडावरा का कहना है कि पशु चिकित्सा भवन खस्ताहाल है। इस संबंध में पशु चिकित्सा विभाग एवं गाेशाला को पत्र लिखा गया है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि पशु चिकित्सालय पहले दूसरे भवन में चल रहा था। वर्ष 2007 में इसे गोशाला में जन सहभागिता में बनाए गए भवन में स्थानांतरित कर दिया गया था। जहां भवन की दीवारों में जगह जगह दरारें आई हुई हैं।
खस्ताहाल पशु चिकित्सालय भवन में कार्यरत कार्मिकों को हर समय जान का खतरा बना रहता है। पशु चिकित्सा अधिकारी ने चिकित्सा विभाग से शीघ्र भवन की मरम्मत कराने का आग्रह किया है।
7 साल से किराया नहीं तय
विभागने पशु चिकित्सालय भवन को गोशाला में बनाए गए भवन में स्थानांतरित कर दिया लेकिन अब तक भवन का किराया भी तय नहीं किया है। पशुचिकित्सालय सात साल से किराए के भवन में ही चल रहा है। इस बारे में गोशाला के मंत्री धर्मी चंद कावड़िया का कहना है कि पशु चिकित्सा भवन का किराया निर्धारण करने के लिए कई बार पशु चिकित्सा विभाग को पत्र भेजा गया लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आने से कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है। यह भवन क्षतिग्रस्त है। इससे कर्मचारियों को परेशान होना पड़ता है। विभाग द्वारा चर्चा करने पर भवन का किराया जल्द तय कर लिया जाएगा।