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खुश रहने का मंत्र, हर हाल में मुस्कुराएं:संत चंद्रप्रभ

7 वर्ष पहले
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{कंवलियास पहुंचने पर किया संतों का स्वागत

भास्करन्यूज | कंवलियास

सदाखुश रहने का मंत्र यह है कि हर हाल में मुस्कुराइए। अनुकूलता में हर कोई मुस्कुरा लेता है, पर जो प्रतिकूलता में मुस्कुराना सीख जाता है वह सबसे सुखी इंसान बन जाता है। यह बात संत चंद्रप्रभ महाराज ने कही। वे मंगलवार को धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि लाभ हो या घाटा, कोई मान दे या अपमान, कोई कहना माने या माने, बेटा-बहू पूछकर काम करें या बिना पूछे। हमारा एक ही सिद्धांत हो हर हाल में आनंद। संत ने कहा कि आज का सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग। हम भीतर की शांति और आनंद के बारे में कम सोचते हैं दुनियावालों की ज्यादा चिंता करते हैं।

लोगों का नियम टीका-टिप्पणी करना है। सहयोग करने वाले कम हैं, साथ छोड़ने वाले ज्यादा। आगे बढ़ने की शुभकामनाएं देने वाले कम हैं और नीचे गिराने वाले ज्यादा। इसलिए जब तक जिएं गुलाब के फूल की तरह। उन्होंने कहा कि इस दुनिया में कोई भी दुख नहीं चाहता, फिर भी दुख मिलते हैं, कोई गाली सुनना नहीं चाहता, फिर भी लोग गाली देते हैं, कोई नहीं चाहता कि उसके व्यापार में घाटा हो, फिर भी घाटे का सामना करना पड़ता है। कुछ भी स्थाई नहीं है। सब बदलने वाला है। जो इस हकीकत से रूबरू हो जाता है वह सुख के साथ दुख का, लाभ के साथ नुकसान का और संयोग के साथ वियोग का भी मजा लेना सीख जाता है। खुश रहने का पहला मंत्र देते हुए संतप्रवर ने कहा कि जो सुबह एक मिनट मुस्कुरा लेता है उसके शरीर की 40 प्रतिशत कोशिकाएं स्वस्थ्य एवं चार्ज हो जाती हैं। तन-मन के हर तनाव की रामबाण औषधि है खुलकर हंसना। हंसने और मुस्कुराने से तन के रोग कटते हैं और मन की गांठें खुलती हैं।

संतों का स्वागत

संतललितप्रभ, संत चंद्रप्रभ एवं मुनि शांतिप्रिय जी के सुसमाणी माता मंदिर पहुंचने पर ग्रामीणों ने स्वागत किया। इस दौरान महेन्द्र सुराणा, देवेन्द्र रांका गुलाबपुरा, शांतिलाल चपलोत बिजयनगर एवं कई श्रावक उपस्थित थे।

गुलाबपुरामें सत्संग आज

बुधवारशाम 5 बजे गुलाबपुरा राम मंदिर से संतों का मंगलप्रवेश होगा। रात आठ बजे टीकम चौराहा स्थित मुख्य बाजार में सत्संग होगा।

कंवलियास. मंदिरमें प्रवचन देते संतप्रवर।