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भजन संध्या में गुरुओं की जय-जयकार

6 वर्ष पहले
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पूर्णाहुति के साथ वेदी प्रतिष्ठा का समापन

कोटड़ी| भगवानश्रीचारभुजानाथ के दरबार में मंगलवार को छप्पनभोग लगेगा। सुबह भगवान का अभिषेक, स्वर्ण चोलों से सजे ठाकुरजी की महाआरती की जाएगी। दोपहर 12 बजे छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी। दोपहर 2 बजे से प्रसाद वितरित किया जाएगा।

रोपां | पारोलीमें सकल दिगंबर समाज की ओर से चल रहे तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव का समापन सोमवार को वेदी की पूर्णाहुति एवं भगवान की मूर्ति की स्थापना के साथ हुआ। इससे पहले श्री जी का अभिषेक, शांतिधारा सहित नित्य पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर विश्व शांति के हवन भी किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में पारोली सहित दूरदराज से जैन समाज के श्रद्धालु मौजूद रहे।

दिव्यमाताजी का ससंघ विहार आज

जहाजपुर| स्वस्तिधाम में 105 दिव्य श्री माताजी का ससंघ विहार मंगलवार को होगा। माताजी ससंघ सोमवार को बोराणी पहुंचे। जहां श्रद्घालुओं ने जयकारों के साथ उनका स्वागत किया। बोराणी से माताजी जहाजपुर स्थित स्वस्ति धाम पहुंचेंगे। जहां आर्यिका र| स्वस्ति भूषण माताजी उनकी अगवानी करेंगी।

रोपां. वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान पूजा-अर्चना करते श्रद्घालु।

कंवलियास. रोकड़ियाहनुमान मंदिर आश्रम में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में आए संतों का स्वागत करते ग्रामीण।

बिजौलिया| देरोलीकी धार स्थित मां फूला के नवनिर्मित मंदिर एवं सराय के उद्यापन एवं पूर्णाहुति कार्यक्रम के दौरान देरोली के बालाजी से फूला देवी मंदिर तक कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा के बाद हवन अनेक धार्मिक आयोजन हुए। मां फूला प्रबंधन सेवा समिति (ठरणा परिवार) के अध्यक्ष भूरालाल धाकड़ ने बताया कि एक फरवरी को गणपति स्थापना, ध्वजारोहण भूमि पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस दौरान बरूंदनी वाले आचार्य डॉ. बद्रीनारायण पंचौली के सान्निध्य में उद्यापन पूर्णाहुति कार्यक्रम 11 फरवरी को संपन्न होगा। कार्यक्रम में ऊपरमाल, मेवाड़, हाड़ौती, आतरी, मालवा, कुंडाल बरड़ आदि क्षेत्रों से आए ठरणा परिवार के लोग मौजूद रहे।

भास्कर न्यूज | कंवलियास

रोकड़ियाहनुमान मंदिर आश्रम में चल रहे तीन दिवसीय मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का सोमवार को समापन हुआ। इस अवसर पर देर रात तक चली भजन संध्या में कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियां पर गुरुभक्त श्रद्धालु झूम उठे। वहीं संतों द्वारा भक्ति का रस बरसाकर एवं गुरुभक्तों द्वारा गुरुओं के जयकारे लगाने से वातावरण को धर्ममय हो गया। महोत्सव में पंडित राधेश्याम दाधीच टोकरवाड़ के सानिध्य में सोमवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में गुरु गौरक्षनाथ, गुरु ऊंकारनाथ, गुरु बालनाथ महाराज प्रभुनाथ महाराज की मूर्तियों की स्थापना विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। समारोह में सरपंच गोपालनाथ, घीसालाल यादव, सुरेश सोनी, गोपाल शर्मा, धूला नाथ, सुधा नाथ योगी सहित हजारों भक्त मौजूद थे।

15000से अधिक गुरुभक्त पहुंचे

महोत्सवके दौरान अजमेर, पुष्कर, थांवला, बिजयनगर, रतलाम, मुंबई, नीमच, मंदसौर, जावरा, अयोध्या, वृंदावन, जोधपुर, उज्जैन, नसीराबाद सहित जिलेभर से आए करीब 15 हजार से अधिक गुरुभक्त श्रद्धालु मौजूद थे। महोत्सव में सभी के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई। इस दौरान समाधि स्थल एवं आश्रम में बड़ी संख्या में भक्तों ने संतों से आशीर्वाद लिया।

संतोंका स्वागत सम्मान विदाई

कंवलियासआश्रम के महंत बाबू नाथ महाराज के सानिध्य में 550 से अधिक संतों का स्वागत सम्मान एवं विदाई कार्यक्रम हुआ। समारोह में पीर गंगानाथ महाराज भैरू नाथजी का अखाड़ा जालौर आश्रम, कैलाशनाथ महाराज पलासनी, जोधपुर आश्रम, पीर मंगलनाथ महाराज राता ढूंढा नागौर आश्रम, शंभूनाथ महाराज दौलतगढ़ आश्रम, मिश्रीनाथ महाराज गुलाब बाबा की धूणी, गुलाबपुरा, नारायण नाथजी रास ब्यावर आश्रम, कृष्णनाथ महाराज बारां आश्रम, सोमवार नाथ महाराज अठारह आश्रम सहित अन्य संतों का स्वागत सम्मान किया गया।