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दो साल से डॉक्टरों के पद रिक्त, मरीज बेहाल

6 वर्ष पहले
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प्राथमिकस्वास्थ्य केंद्र में पिछले दो वर्ष से भी अधिक समय से डॉक्टर के दोनों पद रिक्त पड़े हैं। इसके चलते मरीजों को मौसमी बीमारियों का उपचार निजी क्लिनिकों से करवाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से खाली पड़े पदों पर शीघ्र डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग की है।

प्रतिनियुक्तिपर 1 डॉक्टर मरीज करते हैं इंतजार

चिकित्साविभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फिलहाल गुलाबपुरा सामुदायिक चिकित्सालय में कार्यरत डाॅ. भागीरथ मीणा को प्रतिनियुक्ति पर लगा रखा है लेकिन आए दिन विभागीय बैठकों अन्य सरकारी कार्यों से डॉक्टर के चले जाने की स्थिति में आस-पास के एक दर्जन से भी अधिक गावों के हजारों ग्रामीण मौसमी अन्य बीमारियों का उपचार के लिए घंटों इंतजार करते रहते हैं।

स्वाइनफ्लू के खतरे से ग्रामीणों में भय

वर्तमानमें बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के प्रकोप के चलते ग्रामीणों में भय व्याप्त है। भले ही राज्य सरकार ने स्वाइन फ्लू के चलते टास्क फोर्स का गठन कर दिया लेकिन इतने बड़े कस्बे के स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी से ग्रामीणों में भय व्याप्त है।

डॉक्टरकी अनुपस्थिति में मेल नर्स कर रहा है उपचार

कईबार डॉक्टर नहीं होने के कारण खासी, जुकाम बुखार मौसमी बीमारियों के मरीज मेल नर्स के भरोसे उपचार कराने को मजबूर हैं। वहीं मेल नर्स को पर्ची बनाने से लेकर दवाइयां देने रजिस्टर में इंद्राज करने का काम अकेले ही करना पड़ रहा है। इसके कारण मरीजों को उपचार के लिए कम से कम एक से दो घंटे इंतजार करने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।