भीलवाड़ा। किशनगढ़ से अहमदाबाद 555 किलोमीटर फोरलेन को सिक्स लेन बनाने के लिए कंस्ट्रक्शन कंपनी एनएचएआई के बीच विवाद का खमियाजा आमजन को भुगतना पड़ेगा। पांच साल से लगातार विवाद का अंत इसके 5,500 करोड़ रुपए के टेंडर निरस्त होने के साथ हुआ है। अब नए सिरे से हो रहे टेंडर में इसकी लागत करीब 50 फीसदी तक बढ़ेगी।
नए टेंडर में लागत करीब 8,250 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। कंस्ट्रक्शन कंपनी एनएचएआई के इस विवाद का खमियाजा जनता को ज्यादा समय तक टोल देते हुए भुगतना पड़ेगा। पहले इसके टेंडर एक फेज में हुए थे। अब छह फेज में हो रहे हैं। सिक्स लेन में फोरलेन के दोनों तरफ 3.5-3.5 मीटर चौड़ाई बढ़ेगी।
हर बड़े क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज
गाड़ियों कीस्पीड और ट्रैफिक दबाव देखते हुए सड़क पर क्रॉसिंग नहीं रहेंगे। लोकल ट्रैफिक के लिए अंडरब्रिज और बड़े क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनेंगे। किशनगढ़ से डेट के बीच श्रीनगर, नसीराबाद, केकड़ी चौराहा, बिजयनगर, गुलाबपुरा, शाहपुरा तिराहा, मांडल चौराहा, भदालीखेड़ा चौराहा, मंडपिया स्टेशन चौराहा, हमीरगढ़ चौराहा, गंगरार डेट में ओवरब्रिज प्रस्तावित हैं।
5 महीने, 262 हादसों में 33 की जान गई, 347 घायल
किशनगढ़ से अहमदाबाद फोरलेन पर दुघटनाओं की स्थिति जानने के लिए एनएचएआई ने वर्ष 2014 में सर्वे करवाया था। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक दो अगस्त, 2014 से 27 दिसंबर, 2014 के बीच इस रोड पर 262 हादसे हुए थे। इनमें 33 लोगों ने जान गंवाई। 347 में से 202 व्यक्तियों के फ्रेक्चर, 63 घायल और 82 लोग सामान्य घायल हुए थे। ये एक्सीडेंट रोड फीचर, रोड कंडीशन, तिराहे व चौराहों की गलत पोजीशन और मौसम के कारण हुए। सिक्स लेन में अंडरपास व ओवरब्रिज देकर इस प्रोजेक्ट को नोन एक्सीडेंट जोन बनाने का लक्ष्य है।
9,932 पेड़ काटने पड़ेंगे
वर्ष 2011-12 में हुए आकलन के अनुसार किशनगढ़ से अहमदाबाद के बीच फोरलेन से सिक्सलेन होने पर 9,932 पेड़ काटे जाएंगे।
अब सरकार का भी शेयर
यह प्रोजेक्ट बीओटी (बिल्ड ऑपरेट एंड ट्रांसफर) योजना में बनेगा। टेंडर निरस्त होने के बाद अब नए सिरे से छह में से पांच जोन की फाइनेंशियल बिड शुरू हो चुकी है। इस बार इस प्रोजेक्ट को हाई ब्रीड मोड में बनाया जा रहा है। इसमें कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ-साथ सरकार का भी शेयर रहेगा। वीएस मील, जीएम, एनएचएआई
रोज गुजरते हैं 40 हजार वाहन
किशनगढ़-उदयपुर फोरलेन पर रोज करीब 40 हजार वाहन गुजरते हैं। किशनगढ़ से अहमदाबाद के बीच किशनगढ़ की मार्बल मंडी, भीलवाड़ा के वस्त्र उद्योग, चित्तौड़गढ़ की मार्बल मंडी, हिंदुस्तान जिंक, सीमेंट उद्योग, उदयपुर व चित्तौड़गढ़ के पर्यटन स्थल आदि होने से वाहनों का दबाव देखते हुए सिक्स लेन की जरूरत है। कई जगह फोरलेन टूट चुका है। यातायात एवं परिवहन के साधनों के उपयोग के आधार पर देखा जाए तो यह प्रदेश का सबसे व्यस्ततम मार्ग है।