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हर हाल में मुस्कराना चाहिए : संत चंद्रप्रभ
{कंवलियास पहुंचने पर किया संतों का स्वागत
भास्करन्यूज | कंवलियास
सदाखुश रहने का मंत्र यह है कि हर हाल में मुस्कराइए। अनुकूलता में हर कोई मुस्करा लेता है, पर जो प्रतिकूलता में मुस्कराना सीख जाता है वह सबसे सुखी इंसान बन जाता है। यह बात संत चंद्रप्रभ महाराज ने कही। वे मंगलवार को धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि लाभ हो या घाटा, कोई मान दे या अपमान, कोई कहना माने या माने, बेटा-बहू पूछकर काम करें या बिना पूछे। हमारा एक ही सिद्धांत हो हर हाल में आनंद। संत ने कहा कि आज का सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग। हम भीतर की शांति और आनंद के बारे में कम सोचते हैं दुनियावालों की ज्यादा चिंता करते हैं।
लोगों का नियम टीका-टिप्पणी करना है। सहयोग करने वाले कम हैं, साथ छोड़ने वाले ज्यादा। आगे बढ़ने की शुभकामनाएं देने वाले कम हैं और नीचे गिराने वाले ज्यादा। इसलिए जब तक जिएं गुलाब के फूल की तरह। उन्होंने कहा कि इस दुनिया में कोई भी दुख नहीं चाहता, फिर भी दुख मिलते हैं, कोई गाली सुनना नहीं चाहता, फिर भी लोग गाली देते हैं, कोई नहीं चाहता कि उसके व्यापार में घाटा हो, फिर भी घाटे का सामना करना पड़ता है। कुछ भी स्थाई नहीं है।
सब बदलने वाला है। जो इस हकीकत से रूबरू हो जाता है वह सुख के साथ दुख का, लाभ के साथ नुकसान का और संयोग के साथ वियोग का भी मजा लेना सीख जाता है। खुश रहने का पहला मंत्र देते हुए संतप्रवर ने कहा कि जो सुबह एक मिनट मुस्कुरा लेता है उसके शरीर की 40 प्रतिशत कोशिकाएं स्वस्थ्य एवं चार्ज हो जाती हैं। तन-मन के हर तनाव की रामबाण औषधि है खुलकर हंसना। हंसने और मुस्कुराने से तन के रोग कटते हैं और मन की गांठें खुलती हैं।
निरंकारी संत सीमा का सत्संग आज
भीलवाड़ा.संतनिरंकारी मंडल द्वारा चलाई जा रही मानव कल्याण यात्रा के तहत इलाहाबाद की निरंकारी संत सीमा सचदेव बुधवार शाम तीन से पांच बजे तक सिंधुनगर स्थित निरंकारी सत्संग भवन में सत्संग सभा को संबोधित करेगी। इसके बाद रात्रि सात से दस बजे तक काछोला क्षेत्र के धामनिया में सत्संग सभा होगी। मंडल के मीडिया प्रभारी लादु लाल निरंकारी ने बताया कि इससे पूर्व संत सचदेवा ने मंगलवार को दादाबाड़ी में निरंकारी सत्संग सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन का लक्ष्य सदगुरु के माध्यम से परमात्मा का प्राप्त करना होना चाहिए।