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आखिर कब मिलेगी पुलिया और डिग्री काॅलेज की सुविधा
नाव के इंतजार से मिलेगी निजात
यहपुलिया बनने के बाद लोगो को नाव का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जबकि अभी लोगों को अवैध तरीके से जान जोखिम में डालकर मजबूरन यात्रा करनी पड़ रही है।
आगेकी पढ़ाई के लिए मशक्कत
इटावाक्षेत्र में डिग्री काॅलेज की मांग भी जनता द्वारा समय-समय पर प्रमुखता से उठाई जाती रही है, लेकिन इस पर भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां पर सीनियर तक ही विद्यालय होने के कारण आगे काॅलेज की पढ़ाई के लिए लगभग 80 किलोमीटर दूर कोटा जाना पड़ता है। क्षेत्र के कई विद्यार्थी आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से कोटा नहीं जा पाते और बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ देते हैं।
^चंबल नदी पर पुलिया निर्माण से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी लोगों को जयपुर, दिल्ली जाने के लिए रेल सेवा का लाभ मिल सकेगा। -हरिप्रकाशमीणा, भाजपामंडल उपाध्यक्ष
^चंबलनदी पर पुलिया निर्माण की स्वीकृति मिलने से क्षेत्र के लोगों को मेगा हाइवे रेल सुविधा के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। -शिवप्रकाशमीणा, काे-ऑपरेटिवबैंक डायरेक्टर
^राज्यसरकार को 17.5 करोड़ की राशि फोरेस्ट विभाग को देनी है, जो कि मुख्यमंत्री के उदयपुर दौरे पर होने के कारण उनसे बात नहीं हो पाई है। अत: जल्द ही उनसे बात करके राशि जमा कराने के प्रयास किए जाएंगे। वहीं काॅलेज के बारे में उन्होंने कहा कि मामला प्रक्रिया में चल रहा है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। -विद्याशंकरनंदवाना, विधायक,पीपल्दा
भास्कर न्यूज | गणेशगंज
इटावाउपखंड क्षेत्र में लगातार 20-25 वर्षों से चली रही प्रमुख मांगें गैंता-माखीदा पुलिया का निर्माण डिग्री काॅलेज की है। क्षेत्र की जनता को लंबे समय से इनकी दरकार है, लेकिन ये आज तक भी पूरी नहीं हो पाई हैं। इस बारे में क्षेत्र की जनता का कहना है कि जब-जब चुनाव आते हैं, तब-तब ही नेताओं द्वारा इन प्रमुख मुद्दों को जोर-शोर से उठाया जाता रहा है, लेकिन यह प्रमुख सिर्फ वोट बटोरने के अहम मुद्दे बनकर रह गए हैं।
इस पुलिया निर्माण की स्वीकृति घड़ियाल अभयारण्य के कारण अटकी हुई है। वहीं इस संबंध में सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से इम्पेक्ट एसेसमेंट रिपोर्ट भी तैयार करके भिजवाई जा चुकी है। हाल ही में हुए चुनाव में दौरे के दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी गैंता-माखीदा पुलिया इटावा में डिग्री काॅलेज के मामले में क्षेत्र की