सांगोद में सावित्री मीणा प्रधान बनीं
सुल्तानपुर में कांग्रेस का परचम
इटावा में सरोज मीणा बनीं प्रधान
भैंसरोडगढ़-खैराबाद में भाजपा के प्रधान
भगवान ने बालचंद को 2 वोट से हराया
अभाव में बेटी और मां साथ-साथ पढ़ी, अब बेटी बनीं प्रधान
रावतभाटा| जिसबेटी के सिर से डेढ़ साल में पिता का साया उठ गया। जमीन के हिस्से के लिए रिश्तेदार मार देने की बात कहते थे। उस बेटी ने अभाव में रह कर मां के साथ 12वीं तक पढ़ाई की। झरझनी गांव की एमए बीएड बेटी वीणा दशोरा अब भैंसरोडगढ़ पंचायत समिति की प्रधान बनी हंै।
वीणा के प्रधान बनने पर मां श्याम दशोरा की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। भैंसरोडगढ़ पंचायत समिति में करोड़पति उम्मीदवार भी प्रधान के दावेदार थे। लेकिन एक गरीब परिवार की बेटी को प्रधान बनाकर भाजपा ने लोगों की वाहवाही लूटी। बेटी के प्रधान बनने पर मां श्याम दशोरा भावुक हो गई। उन्हाेंने बताया कि वीणा को पढ़ाने के लिए सरकारी स्कूल और ही कॉलेज में पढ़ाने के लिए फीस थी।
चंदाकर स्कूल की फीस जमा करवाई
चंदाकर स्कूल की फीस जमा करवाई। बेटी को पढ़ाने के लिए कॅालेज में फीस नहीं होने के कारण प्राइवेट परीक्षा देनी पड़ी। 4 साल पहले भाई की 12वीं के अाधार पर नौकरी लग गई। जिसके बाद वीणा एमए और बीएड कर सकी। मां ने बताया कि भाई और गांव के सरपंच गंगाराम मीणा ने हमारी मदद की। मैने तीसरी तक की पढ़ाई की थी मेरे पति का निधन हुआ तब वीणा डेढ़ साल की थी और बेटा 1 माह का। सुसराल वालों ने जमीन पर विवाद कर दिया। जमीन के हिस्से के लिए रिश्तेदार बेटी और बेटे को मार देने की बात कहते थे। मजबूरन बच्चों को लेकर मायके आना पड़ा। बच्चों को पढ़ाया। वे होनहार है। बेटी के साथ मैने भी 12वीं पास की जिससे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बन गई। बेटी प्रधान बन गई है। बेटा नौकरी कर रहा है।
{इटावा में 20 साल बाद कांग्रेस का कब्जा
रामगंजमंडी। प्रधान भगवानसिंह धाकड़ का स्वागत करते भाजपाई।
रावतभाटा। पंस भैसरोडगढ़ प्रधान वीणा दशोरा को प्रमाण पत्र देते एसडीएम।
भूपेंद्र सिंह
सरोज मीणा
प्रधान वीणा दशोरा की मां, भाई नानी खुशी मनाते हुए।
रावतभाटा। पंचायत समिति भैसरोडगढ़ प्रधान वीणा दशोरा के विजयी होने के बाद जश्न का इजहार करते भाजपा कार्यकर्ता।