जननी सुरक्षा है भगवान भरोसे...
अस्पताल में अनुपयोगी पड़ी हुई हैं लाखों की मशीनें
चिकित्सालयमें विशेषज्ञ प्रतिक्षित स्टाफ के अभाव में लाखों रुपए की मशीनें अनुपयोगी होकर धूल खा रही हैं, जिसके चलते मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। राज्य सरकार द्वारा अस्पताल में लाखों की लागत से ऑपरेशन थियेटर, उपकरण मशीनें लगा रखी हैं, लेकिन लंबे समय से इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है तथा यह उपकरण मशीनें धूल खा रही हैं। महिला रोग विशेषज्ञ नहीं होने से जटिल डिलेवरी कैसेज को कोटा रैफर कर दिया जाता है। वहीं शिशुओं के लिए चाइल्ड वार्ड की स्थापना कर उपचार के लिए विभिन्न मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन यहां पर शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं होने से उन्हें कोटा रैफर कर दिया जाता है। कोटा के बाद इटावा में सबसे अधिक डिलेवरी कैसेज आते हैं, लेकिन अस्पताल में जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। जटिल डिलेवरी कैसेज में मजबूरन लोगों को कोटा जाना पड़ता है। चिकित्साधिकारी डाॅ. जीके माथुर ने बताया कि यहां पर सरकार ने मशीनें तो लगा रखी हैं। अगर विशेषज्ञ प्रतिक्षित स्टाफ लगा दिया जाए तो ग्रामीणों को इटावा में ही बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।
सोनाेग्राफी सुविधा का अभाव होने से होती है परेशानी
प्रतिवर्षतीन हजार से अधिक प्रसव इटावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेंं हो रहे हैं, लेकिन चिकित्सालय में सोनाेग्राफी तक की सुविधा नहीं है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री दुर्रुमियां एक वर्ष पूर्व इटावा आए थे तो उन्होंने सोनोग्राफी सुविधा के लिए लोगों से वादा किया था, लेकिन यह आज तक भी साकार नहीं हो पाया। इटावा सामुदायिक केंद्र के चिकित्साधिकारी डाॅ. जीके माथुर ने बताया कि चिकित्सालय में ऑपरेशन थियेटर है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं तथा प्रसव के लिए जो सुविधा है, उससे कार्य किया जा रहा है।
इटावा. अस्पतालमें अनुपयोगी पड़ी है लाखों की मशीनें।
भास्कर न्यूज | इटावा
सरकारजननी सुरक्षा योजना पर चाहे करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन कोटा जिले के इटावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जननी सुरक्षा में सुविधाओं का अभाव होने के कारण उनकी सुरक्षा भगवान भरोसे ही चल रही है।
चिकित्सालय में महिला रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त होने के कारण समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा, जिससे थोड़ी जटिल डिलेवरी आते ही उसको कोटा रैफर