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बस स्टैंड पर यात्रियों को नहीं मिल रही सुविधाएं
इटावा| कस्बेके नवनिर्मित पुराने शिवाजी बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए छाया-पानी बैठने की उचित व्यवस्था नहीं होने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इन्दिरा गांधी वाचनालय में यात्रियों के बैठने के लिए की गई सुविधा से यात्री परेशान हैं।
इस परिसर में गंदगी फैली हुई है तथा इसमें दिनभर जानवर बैठते हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कस्बे में 11 वर्ष पूर्व निर्मित बस स्टैंड पर जहां अब तक बसों का ठहराव नहीं होने से वह जर्जर हाल होकर जमींदोज होने की स्थिति में पहुंच गया है। वहीं इस परिसर में आवारा जानवरों का डेरा लगा रहता है। वहीं यह शराबियों की शरणस्थली बन चुका है। यहां पर शराबी बेरोकटोक देररात तक जमे रहते हैं। वहीं असामाजिकतत्व बस स्टैंड परिसर में लगे गेट जंगले तक चुराकर ले गए हैं। इस परिसर के आसपास रहने वालों ने अपने जानवरों को बस स्टैंड परिसर में बांध रखा है। वहीं मटेरियल सप्लायर्स ने मटेरियल परिसर में डालकर इसके स्वरूप को बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
कस्बे में करीब 10 लाख रुपए से अधिक की लागत से कोटा रोड पर बस स्टैंड का निर्माण हुआ था, जिसमें यात्रियों को बैठने के लिए यात्री प्रतीक्षालय सहित अन्य सुविधाएं निर्मित की थी, लेकिन इस बस स्टैंड पर स्थानीय प्रशासन रोडवेज के अधिकारियों ने यहां बसों के ठहराव को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण यह क्षतिग्रस्त हो रहा है। दूसरी ओर पुराने शिवाजी बस स्टैंड पर भी यात्रियों के लिए सुविधाओं का टोटा है। यहां पर यात्रियों के ठहराव के लिए जहां यात्री प्रतीक्षालय नहीं है, जिसके चलते तेज धूप के बावजूद यात्रियों को लंबे समय तक खड़े-खड़े ही बसों का इंतजार करना पड़ता है। वहीं कई यात्री प्रतीक्षालय के अभाव में जमीन पर गंदगी के बीच बैठे रहते हैं। इस बस स्टैंड के मुख्य सड़क मार्ग पर अतिक्रमण भी काफी हो रहे हैं, इससे बसों को दिनभर में अनेक बार जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है।
कई दुकानदारों ने सड़क पर ही ठेले बोड़ियां रखकर अतिक्रमण कर लिए हैं, जिससे अब हालत यह है कि यहां पर 3 बसों का एक साथ ठहराव भी मुश्किल हो रहा है। वहीं बस स्टैंड पर गंदगी फैली हुई है, यात्रियों के लिए ठंडे पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, बस स्टैंड मार्ग पर नालियों के जाम होने से कीचड़ फैल जाने के कारण बसों का ठहराव भी कीचड़ में होता है। जि