उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की जानकारी दी
इटावा| जिलाउपभोक्ता संरक्षण मंच इटावा के तत्वावधान में रविवार को मंच अध्यक्ष मा. फजर मोहम्मद की अध्यक्षता में उपभोक्ता संगोष्ठी हुई। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं के संरक्षण हेतु उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 से लागू है।
इस अधिनियम के तहत उपभोक्ताओं को सहज एवं सस्ता न्याय प्रदान किया जाता है। उपभोक्ता को किसी भी वस्तु या सेवा के संबंध में शिकायत होने पर इसके माध्यम से परितोष प्राप्त किया जा सकता है। अभिभाषक परिषद के नन्दकिशोर पारेता ने बताया कि वर्तमान में टीवी के माध्यम से भी उपभोक्ता जागरुकता आधारित कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही उपखण्ड स्तर पर भी कल्याणकारी नीतियों एवं उपभोक्ता निदेशालय की भावनाओं के अनुरूप ग्रामीण उपभोक्ताओं की निर्धनता, अनभिज्ञता, संसाधनों के अभाव एवं संबंधित ग्रामों से उपभोक्ता फोरम की दूरियों को दृष्टिगत रखते हुए उनकी प्राथमिक सुनवाई एवं जनसमस्याओं के निराकरण की व्यवस्था की गई है। जिसका उपभोक्ताओं को लाभ उठाना चाहिए। केसरीलाल नागर ने कहा कि उपभोक्ताओं को सरकार द्वारा सुरक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार, चयन का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, क्षतिपूर्ति प्राप्त करने का अधिकार उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार प्राप्त है। उपभोक्ताओं को इसका उपयोग करना चाहिए। इस अवसर पर उपभोक्ता के अधिकारों संबंधित पंपलेट ग्रामीणों को वितरित किए गए। इस अवसर पर प्रेम कुमार मीणा, टीकम आदिनाथ, शकील मोहम्मद, नीरज शर्मा, पवन गौड़, निजामभाई टेलर आदि मौजूद थे।