- Hindi News
- घर में नारायण को लाएं लक्ष्मी खुद चली आएंगी
घर में नारायण को लाएं लक्ष्मी खुद चली आएंगी
खेड़लीमें चल रही भागवत कथा में आचार्य सुरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भक्त वह है जो परमात्मा से विरक्त नहीं हो।
घर में नारायण को लाएं लक्ष्मी तो उनके चरणों की दासी है वे उनके पीछे अपने आप चली आएगी। घर में केवल लक्ष्मी आने पर उत्पात बढ़ता है, लक्ष्मी चंचल है और एक जगह नहीं रहती है, लेकिन नारायण जहां होते हैं वहां तो लक्ष्मी को आना ही पड़ता है।
यदि विपरित परिस्थिति आती है और किसी तरह का समाधान नहीं मिलता है तो समस्या को भगवान के चरणों में अर्पित कर दें समाधान अपने आप ही हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यश-अपयश, लाभ-हानि, जीवन-मरण यह सब तो विधि के हाथ है। जब-जब धर्म की हानि होती है तब प्रभु किसी किसी रूप में आते है। भागवत कथा के स्मरण करने वालों को भक्ति की साधना से ज्ञान प्राप्ति होती है और वही ज्ञान वैराग्य का मार्ग दिखाकर मोक्ष कराता है। भक्ति मार्ग में वैराग्य का अर्थ सन्यासी बनना नही हैं। बल्कि संसार के प्रति आसक्ति एवं मोह का त्याग ही सच्चा वैराग्य माना जाता है। आजमति प्रसंग की चर्चा करते हुए आचार्य ने बताया कि अजा का अर्थ माया एवं मिल का अर्थ मिलना, जो माया में मिल कर रहे वही अजमलि है। जीवन भर पापकर्म करके वो अंतिम क्षणों में इसलिए मुक्त हो गया क्योकि अंत समय पर नारायण नाम उसके मुख से निकला था। कठिन परिस्थितियों में जो काम आए तो समझो वह प्रभु का दूत है। कथा के दौरान संगीतमय भजन भी सुनाए, जिस पर वहां मौजूद श्रद्धालु भाव विभोर होकर नृत्य किया।