बहुमूल्य संपदा है संतोष का धन
इटावा| खेड़लीगांव के हनुमान वाटिका परिसर में चल रही भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य सुरेंद्र शास्त्री ने कहा कि संसार में सबसे बहुमूल्य संपदा है संतोष धन है। यह धन जिसने भी प्राप्त कर लिया, वह संसार का सबसे धनी व्यक्ति कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह धन किस काम का जिसके आने से परिवार में बिखराव हो। भाई-भाई का दुश्मन बन बैठे। परिवार में आपसी कलह, बैर भाव बढ़े। आज का मनुष्य धन के पीछे दौड़ रहा है और सुख-शांति से दूर होता जा रहा है। इसलिए लोभ का त्याग करें।