कृष्ण-रुक्मिणी की सजाई झांकी
भास्कर न्यूज. इटावा/पीपल्दा
क्षेत्रकेडूंगरली गांव में चल रही भागवत कथा के दौरान सोमवार को आओ मेरी सखी मुझको सजा दो, मुझे श्याम सुंदर की दुल्हन बना दो.. आदि भजनों के साथ कृष्ण रुक्मिणी का विवाह धूमधाम के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर कृष्ण रुक्मिणी की मनोरम झांकी सजाई गई तथा बैंडबाजों के साथ बारात निकाली गई। जिसमें श्रद्घालुओं ने भावविभोर होकर खूब नृत्य किया। इस अवसर पर कथा का वाचन करते हुए आचार्य शरदेंदु द्विवेदी सुदामा गोविंद दास ने भागवत का वाचन करते हुए कहा कि मनुष्य का उद्धार धर्म के कार्यों से ही होता हैं। उन्होंने यज्ञ का महत्व बताते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में यज्ञ करना चाहिए, उसे यज्ञ के साथ धार्मिक कार्यों के लिए दान देना चाहिए। उन्होंने शुकदेवजी की ओर से परीक्षितजी को मुक्ति का उपाय बताने के साथ विदुर प्रसंग कपिल अवतार का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे परीक्षित जी को श्राप मिला था कि उनकी सात दिन में उनकी मृत्यु हो जाएगी। इस पर परीक्षित जी ने अपने मन में सोचा कि अगर सात दिन में मौत निश्चित है, तो फिर यह सांसारिक जीवन का क्या फायदा। उन्होंने सांसारिक जीवन त्याग कर अपने आगे के जीवन के बारे में सोचना शुरु किया भगवान की खोज में तपस्या में लग गए। उन्होंने अपने मन को सिर्फ भगवान की आराधना में लगा दिया।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया
सुल्तानपुर.क्षेत्रके खंडगांव में चल रही संगीतमय भागवत कथा के दौरान सोमवार को श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। महिलाओं एवं पुरुषों ने गुलाल उड़ाकर एवं चॉकलेट, पंच मेवा का प्रसाद लुटाया गया। कथा के दौरान कथावाचक मुकुट बिहारी शास्त्री ने कहा की संसार में कथा तो अनंत है, परंतु इस संसार से मुक्ति तो हरि नाम से ही प्राप्ति हो सकती है। भगवान के द्वारा भक्तों की पूर्ति की जाती है और भगवान की कथा श्रवण करने का कोई समय नहीं होता। उसे मनुष्य किसी भी अवस्था में सुनकर स्वर्ग को प्राप्त कर सकता है। मनुष्य को भगवान द्वारा जीवन में कई अच्छे मौके अवसर प्राप्त होते है, परंतु मनुष्य उन अवसरों का लाभ नहीं उठाकर राक्षस गुण का भागी होता है।
इटावा. क्षेत्रके डूंगरली गांव में चल रही भागवत कथा के दौरान कथा सुनते श्रद्धालु।
इटावा. कथा के दौरान सजाई कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की झांकी।