पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • शोभायात्रा से हुआ पंच कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ

शोभायात्रा से हुआ पंच कल्याणक महोत्सव का शुभारंभ

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जात-पात तन का नहीं मन का विषय

परमपूज्य एलाचार्य 108 श्री विबुद्ध सागर जी महाराज ने दोपहर में हुई धर्मसभा में कहा कि जाति-पाति तन का नहीं मन का विषय है। अलग-अलग मत विचारों की ही उपज है। विचारों ने ही धर्म-धर्म को, इंसान-इंसान को बांटा है। मानव का पहला धर्म है मन की शुद्धि, जब तक मन विकारों से भरा है, तब तक धर्म की शुरुआत नहीं। मान, क्रोध, माया, लोभ की दवा खानी होगी, तभी हमारा रोगी मन स्वस्थ रहेगा। महाराज ने कहा कि हम धर्म करें लेकिन मन से करें और साथ ही मन को परिवर्तित भी करें। हर धर्म के अनुयायी अपने आराध्य देव की प्रतिदिन अराधना एवं दर्शन-पूजन करते हैं। महोत्सव के तहत शनिवार शाम को कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

आज के कार्यक्रम

शनिवारसुबह सात बजे अभिषेक, शांतिधारा, नित्य नियम पूजन, प्रवचन, बाल क्रीड़ा दोपहर 1 बजे राज्य सभा, बत्तीस हजार राजाओं का आगमन, बारात, वैराग्य, दीक्षा कल्याणक, पूजन हवन एवं सायं सात बजे आरती, शास्त्र सभा एवं रात्रि को कवि सम्मेलन होगा।

जहाजपुर. शोभा यात्रा के दौरान भजनों पर नृत्य करती महिलाएं।

ये हुए आयोजन

पंचकल्याणक महोत्सव के तहत शुक्रवार को अभिषेक, शांतिधारा, तीर्थंकर बालक का जन्म, जन्म कल्याणक उत्सव, पाण्डुक शिला पर 1008 कलशों से अभिषेक दोपहर ढाई बजे जन्म कल्याणक पूजन, हवन एवं आरती, शास्त्र सभा, तीर्थंकर बालक को पालना झुलाना, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। महोत्सव में भाग लेने के लिए दूर-दूर से जैन श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।

खबरें और भी हैं...