योद्धाओं की याद में विजय दौड़
वायुसेना स्टेशन जैसलमेर द्वारा लोंगेवाला युद्ध की विजय वर्ष गांठ के उपलक्ष में एक विजय दौड़ का शनिवार को आयोजन किया गया। इस दौड़ को जैसलमेर-लोंगेवाला विजय दौड़ - 2014 का नाम दिया गया है। इस दौड़ को ले. जनरल अशोकसिंह ने झण्डी दिखा कर रवाना किया। इस अवसर पर कलेक्टर एन.एल.मीना , पुलिस अधीक्षक डॉ. राजीव पचार, एओसी चन्द्रमौलीसिंह, रीजनल प्रेसीडेंट उषासिंह डीआईजी अमित लोढ़ा उपस्थित थे। इस दौड़ में सेना के अधिकारी एवं जवान जैसलमेर से दौड़ लगाते हुए लोंगेवाला तक पहुचेंगे।
इसमें चीफ ऑपरेशन ऑफिसर एयरफोर्स ग्रुप कैप्टन त्रिपाठी सहित एयरफोर्स, सीमा सुरक्षा बल एवं सेना के अधिकारी जवान शामिल हैं। इस विजय दौड़ में स्कवार्डन लीडर सीमा बीटू स्कवार्डन लीडर शालिनी नारी शक्ति के रुप में नेतृत्व कर रही हैं।
215 किलोमीटर की दौड़ का भी आयोजन
इससेपूर्व योद्धाओं की याद में शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में शनिवार को सुबह सर्वप्रथम 21 किलोमीटर की दौड़ का आयोजन किया गया। वहीं इसके बाद 5 किलो मीटर दौड़ का भी आयोजन हुआ। इस दौड़ को पूनम स्टेडियम से एयर कमाडोर चन्द्रमौली ने झण्डी दिखाकर रवाना किया। एयरफोर्स द्वारा पहली बार जैसलमेर लोंगेवाला विजय दिवस पर आयोजित दौड़ के प्रति वायुसेना, सीमा सुरक्षा बल, आर्मी, महिला शक्ति, बास्केटबाल एकेडमी के छात्र, विद्यार्थी एवं वाशिंदे भी शामिल हुए। लोंगेवाला युद्ध के विजय दिवस की याद में आयोजित इस दौड़ के प्रति धावकों में भारी उत्साह और जोश दिखाई दे रहा था। पूनम स्टेडियम भारत माता के जयकारों वन्देमातरम् के उद्घोष से गुंजायमान हो गया और पूरा माहौल देश भक्ति से ओत प्रोत सा नजर रहा था।
वायुसेनाके हंटर विमानों ने पाक फौज को िकया था नेस्तनाबूद
उल्लेखनीयहै कि दिसंबर 1971 भारतीय इतिहास में गौरव शौर्य के लिहाज से बहुत ही महत्व रखता है। इन्हीं दिनों लोंगेवाला में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के नापाक इरादों को नाकाम कर पाकिस्तान फौज को नेस्तनाबूद कर दिया था। 03 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने अपने पूर्व क्षेत्र से दबाव हटाने के लिए भारतीय वायुसेना की 9 हवाई पट्टियों पर हमला किया तथा 04 दिसंबर 1971 को भारी तोपों तथा सेना के साथ जैसलमेर की ओर हमला बोला।
पाकिस्तान का इरादा था कि एक ही रात में वे जैसलमेर तथा आस-पास क्षेत्र को कब्जे में लेकर भारी मात्रा में भारतीयों को बंदी बनाएं