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कलिकाल में भागवत ही मुक्ति का साधन

7 वर्ष पहले
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जैसलमेर. गजरूपसागर रोड़ स्थित सांईधाम मंदिर प्रांगण में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ भव्य शोभा यात्रा के साथ किया गया। शोभा यात्रा किशनघाट के मोहननगर महाराज समाधि स्थल से मुख्य गांव किशनघाट होती हुई कथा स्थल श्री सांईधाम मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में मंगल कलश लिए बालिकाएं भी शामिल थी। धूमधाम से शोभायात्रा को कथा स्थल पहुंचाया गया।

प्रभुलाल सोलंकी ने श्रीमद् भागवत एवं कथा वक्ता शैलेन्द्र व्यास का पूजन किया। प्रथम दिवस की कथा प्रारंभ करते हुए कथा वक्ता व्यास ने कथा के माहात्मय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संसार में तीन बात बड़ी दुर्लभ है प्रथम- मनुष्य योगी प्राप्त होना, मोक्ष होना तथा इन दोनों से भी अधिक दुर्लभ अगर कुछ है तो वह है भगवान की कथा की प्राप्ति होना है। और कलिकाल में केवल भागवत कथा ही मोक्ष प्रदान कराने वाली है और अन्य कोई साधन नहीं है, कथा के महात्म्य को सुनाते हुए भक्ति के कष्ट के निवारण के लिए श्रीमद् भागवत जी की कथा तथा धुन्धुकारी को प्रेत योनि से मुक्ति के लिए सप्ताह विधि द्वारा श्रीमद् भागवत जी की कथा को विस्तार से सुनाया गया और बताया गया कि कथा जीवन में जीने की कला तथा मृत्यु के उपरांत मोक्ष का मार्ग प्रशस्त कराती है। उन्होंने कहा कि पाप कर्म करने वाले को जो दण्ड ईश्वर की विधान से प्राप्त होता है उसी का भार पाप कर्म होते हुए देखने वाले को भी मिलता है। भीष्म पितामह द्वारा युधिष्ठिर को इस बात को समझाने के प्रसंग को विस्तार से सुनाते हुए समझाया एवं बताया कि भगवान अपने भक्त को अंतिम समय अवश्य ही दर्शन देने आते है। कथा के दौरान जैसलमेर निवासी राजेन्द्र व्यास द्वारा सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी गई। कथा का नियमित समय दोपहर 12 से 4 बजे रखा गया है।