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व्यक्ति जीवन में अच्छे - सच्चे कार्य करें : आचार्य
नाकोड़ा तीर्थ से रवाना होकर जैसलमेर जा रहे आचार्य पदमसागरसूरीश्वर महाराज के साथ आचार्य विमलसागरसूरीश्वर महाराज, प्रशांतसागर महाराज के यहां पहुंचने पर जैन संघ थोब ग्रामीणों की ओर से स्वागत किया गया। आचार्य के गांव में प्रवेश पर सामैया किया गया। इसके बाद मुनियों की अगुवाई में कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान गांव में धर्मसभा का आयोजन किया गया।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य विमलसागरसूरीश्वर महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन दुर्लभ है। महान पुण्य से यह मनुष्य जीवन मिला है। इस मानव जीवन को फिजूल में नहीं गंवाना है। व्यक्ति जीवन में अच्छे और सच्चे कार्य करें यही जीवन की सार्थकता और सफलता है। किसी के भी प्रति बुरा नहीं सोचें। साथ ही किसी की आत्मा को दुख हो वैसा कार्य मन काया से करें। गणि प्रशांतसागर महाराज ने कहा कि पाप से मुक्त होकर पुण्य कार्य करना चाहिए, धर्म के बिना जीवन शून्य है। हमारा ध्यान नैतिक कर्तव्यों का पालन करने तथा दूसरों के भला करने में लगा रहना चाहिए, यही धर्म का मर्म है। इस अवसर पर गणपत पटवारी, मदनलाल सालेचा, उत्तमचंद मेहता, महेंद्र चौपड़ा, पुखराज लूंकड़ थोब, खीमराज लूणिया, रामलाल, कानराज, धनराज लूणिया, पीरचंद चौपड़ा, शंकरलाल शांतिलाल लूणिया शेरगढ़ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु ग्रामीण मौजूद थे।
थोब. आचार्यों का सामैया करतीं महिलाएं युवतियां।
थोब. कस्बे में मंगल प्रवेश करते आचार्यगण।