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कॉलोनी की लॉटरी तो खुल गई, प्लॉट पर कब्जा नहीं मिला
नगरपरिषदने जब से जवाहर कॉलोनी की योजना शुरू की है तब से लेकर आज तक उसे लेकर परेशानियां ही सामने आती रही। जिस तरह से लोगों को इस आवासीय योजना से उम्मीदें थी वैसी उम्मीदें पूरी होती नजर नहीं रही है। आवंटन को लेकर लोगों को लम्बा इंतजार करना पड़ा और अब भूखंडधारियों को भूखंड की राशि जमा करवाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इस योजना को लेकर लोगों का इंतजार अभी भी जारी है।
जैसलमेर. जवाहिर कॉलोनी का प्रस्तावित स्थल।
^कार्रवाई चल रही है, शीघ्र ही डिमांड नोटिस जारी कर दिए जाएंगे। वहीं दूसरी तरफ कॉलोनी में सड़क निर्माण आदि की प्रक्रिया भी शीघ्र ही शुरू करवा दी जाएगी। गत कुछ माह आयुक्त पद रिक्त होने की वजह से देरी हुई थी। कविताकैलाश खत्री, सभापति,नगरपरिषद
परिषद को होगी 30 करोड़ की आय
जवाहरकॉलोनी में 30 गुणा 60 के कुल 744 भूखंड आवंटित किए गए हैं। एक भूखंड की कीमत 2 लाख 70 हजार रुपए है। वहीं 25 गुणा 50 के 353 भूखंड है और उसकी कीमत 1 लाख 87 हजार रुपए है। ऐसे में परिषद को इन भूखंडधारियों से करीब 30 करोड़ का राजस्व मिलेगा।
प्रापर्टीडीलर इंतजार में
इसकॉलोनी को लेकर पहले जितना क्रेज था उतना अब नहीं है। हालांकि कुछ बड़े प्रॉपर्टी डीलर इसका इंतजार कर रहे हैं। जब भूखंड मालिक डिमांड नोटिस मिलने के बाद राशि जमा करवाएंगे उसके बाद प्रापर्टी बाजार में उछाल आने की संभावना है।
8 माह बीते नहीं जमा हुई राशि
कॉलोनीकी आवंटन प्रक्रिया को हुए 8 माह का समय बीत चुका है। जिन लोगों के भूखंड की लॉटरी निकली उन्होंने अपने आशियाने के सपने भी देख लिए मगर नगरपरिषद के जिम्मेदारों की उदासीनता की हद तब हो गई जब लोग नगरपरिषद पहंुचे तो उनसे वहां राशि लेने वाला कोई नहीं मिला। लगातार 8 माह से लोग चक्कर काट रहे हैं और अभी तक उन्हें राशि जमा करवाने के डिमांड नोटिस नहीं मिले हैं।
शुरू से लेकर अब तक परेशानी ही परेशानी
जवाहरआवासीय योजना शुरू से ही परेशानी का सबब बनी हुई है। पहले आवेदन प्रक्रिया में देरी और बाद में तारीख आगे बढ़ाना। उसके बाद एक डेढ़ साल का इंतजार लोगों को करना पड़ा और दो तीन बार लॉटरी प्रक्रिया की तारीखें बदली गई और बाद में जाकर लॉटरी प्रक्रिया हुई। इतना ही नहीं जिन लोगों के भूखंड नहीं निकले उन्हें आवेदन शुरू वापस लेने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस बीच एक और समस्या सामने आई थी कि कॉलोनी का कुछ भाग पानी की आवक क्षेत्र में है, ऐसे में नगरपरिषद ने आनन फानन में कॉलोनी के प्रारूप को बदला और कुछ भूखंडों को दूसरी तरफ कर दिया। अब जब लोगों को भूखंड का कब्जा मिलेगा तब उन्हें पता चलेगा कि वहां क्या क्या परेशानी है।