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खादी पर गहराए संकट के बादल

7 वर्ष पहले
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जिलास्तर पर खादी बोर्ड के कार्यालय को बंद कर दिया गया है। अब खादी बोर्ड से सभी संबंधित कार्य संभाग स्तर पर होंगे। ऐसे में जिले में खादी के भविष्य एवं खादी बोर्ड से जुड़े बुनकर परिवारों के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लग गए है। एक तरफ सरकार द्वारा खादी को प्रोत्साहन देने की बात कही जा रही है। वहीं दूसरी तरफ जिला स्तर पर खादी बोर्ड को बंद कर कर्मचारियों को अन्य विभागों में भेज दिया गया है। ऐसे में जिले में खादी के प्रोत्साहन से जुड़ी योजनाओं का भविष्य संकट में है। वहीं बोर्ड से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रुप से जुड़े हुए लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अब खादी से संबंधित सभी कार्य जिला स्तर पर होकर संभाग स्तर पर होंगे। ऐसे में छोटे-मोटे कार्यों के लिए भी जोधपुर जाना पड़ेगा। जैसलमेर में नियुक्त जिलाधिकारी खादी को पंचायत समिति में स्थानांतरित कर दिया है। वहीं दो प्रसार अधिकारियों को भी यहां से हटा दिया गया है। ऐसे में खादी बोर्ड के कार्यालय पर ताले लग चुके है। गौरतलब है कि जैसलमेर में खादी बोर्ड से जुड़ी 12 संस्थाएं कार्यरत है। जिनमें करीब 100 से अधिक बुनकर परिवार जुड़े है। वहीं प्रतिवर्ष प्रधानमंत्री सृजन योजना के तहत लोनिंग का कार्य भी संपादित किया जा रहा है।

कैसे जुड़ेंगे खादी से

खादीबोर्ड द्वारा लोगों में खादी के प्रति जागरुकता जगाने तथा खादी से जुड़े बुनकरों को प्रोत्साहित करने के लिए जिला स्तर पर मेलों का आयोजन किया जाता है। साथ ही समय समय पर राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर यहां के बुनकरों द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए मेलों में भिजवाने के साथ ही उन्हें कुछ छूट सबसीडी दी जाती है। ताकि उनकी रोजी रोटी चल सके। जिले में करीब 100 से अधिक बुनकरों के परिवार इस काम में लगे है। ऐसे में जिला स्तर पर मॉनिटरिंग मार्गदर्शन नहीं मिलने से उनके सामने भी परेशानी खड़ी हो रही है।

^खादी बोर्ड के अधिकारी यहां होने से कम से कम खादी संस्थाओं को प्रोत्साहन मिल सकता था। वहीं बुनकर अपनी समस्या तो रख ही सकते थे। बोर्ड के अधिकारी यहां से हटाए जाने से बुनकरों की समस्याएं बढ़ेगी ही कम नहीं होगी। राजूरामप्रजापत, मंत्रीखादी परिषद जैसलमेर

^खादीबोर्ड का कार्यालय जैसलमेर से हटने से यहां की खादी से बने उत्पादकों की बिक्री अन्य परेशानियां खड़ी हो सकती है। साथ ही सरकारी प्रोत