जिले के लिए बीएडीपी का क्षेत्र बढ़ाया जाए : विधायक भाटी
जैसलमेर | विधायकछोटूसिंह भाटी ने संसदीय स्टैंडिंग कमेटी ऑन होम अफेयर्स के अध्यक्ष एवं सदस्यों को जैसलमेर जिले की सीमाओं संबंधी एवं अन्य समस्याओं से अवगत कराते हुए सुझाव देकर ज्ञापन दिया। सीमांत क्षेत्रों के सुरक्षा बलों एवं ग्रामीणों के लिए पेयजल की सप्लाई इंदिरा गांधी नहर परियोजना से करवाई जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों में बहुत बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक निवास करते है इन्हें शस्त्र उपयोग करने का भलीभांति अनुभव है अतः अनुभव का लाभ लेते हुए इन्हें शस्त्र लाइसेंस प्रदान किया जाए ताकि अपनी एवं सीमाओं की सुरक्षा में सहयोग कर सके। सीमावर्ती क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों पर पूर्ण नियंत्रण के लिए पुलिस एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जनता के बीच राष्ट्रीय संवाद कायम करने के लिए सीआईडी चौकियां स्थापित की हुई थी जिसे पूर्ववर्ती राज्य सरकार द्वारा हटा दी गई है उन्हें पुर्नस्थापित किया जाए।
सीमा क्षेत्र विकास योजना बीएडीपी की गाइडलाइन में सीमा के 0 किमी से 30 किमी तक ही विकास कार्य किए जाते है जैसलमेर जिले में सीमा से 30 किमी तक आबादीशुदा गांव बहुत ही कम संख्या में है एवं छितराई हुई अस्थाई ढ़ाणियों में निवास करते है। जैसलमेर विधानसभा क्षेत्र जो कि तीन तरफ से सीमा क्षेत्र से घिरा हुआ लगभग 600 किमी की परिधि में आता है योजना की गाइडलाइन विधानसभा जैसलमेर के पूरे क्षेत्र में सड़क, पानी एवं बिजली योजना के लिए लागू किया जाए।
सीमांत क्षेत्र में अधिक दूरियां होने से चिकित्सा की माकूल व्यवस्था नहीं होने से क्षेत्रवासियों के लिए चिकित्सा व्यवस्था के लिए भारत सरकार द्वारा विशेष योजना बनाकर पैकेज दिया जाए ताकि सीमावर्ती क्षेत्र में निवास कर रही जनता को चिकित्सा का लाभ मिल सके। इसके साथ ही इस क्षेत्र के निवासी पशुपालक है जो कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ही पशुओं को चराते है। अत: पशुओं को भी चिकित्सा सुविधा मिल सके इसकी योजना तैयार कर पशुपालकों को लाभांवित किया जाए।