‘युवा अपने व्यक्तित्व निर्माण में लग जाए’
हरविद्यार्थी हर युवा को बड़ा बनने के सपने देखने की बजाय अच्छा इंसान बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर युवा को अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसकी प्राप्ति के लिए अपने सभी साधनों सहित जुट जाना चाहिए। यह उद्बोधन गुजरात के प्रखर राष्ट्र कथाकार संत स्वामी धर्मबंधु ने राजपूत सेवा समिति द्वारा आयोजित राजपूत छात्रावास के वार्षिक उत्सव में प्रकट किए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रुप में बोलते हुए विद्यार्थियों एवं युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण एवं श्रेष्ठ नागरिक बनने में मेहनत एवं लगन से लग जाए। उन्होंने विश्व परिस्थितियां राष्ट्र एवं धर्म पर अपनी बात रखते हुए आगे कहा कि क्षत्रिय जाति सदैव मातृभूमि रक्षार्थ तैयार रहना चाहिए। उन्होंने भगवान राम एवं महाराणा प्रताप जैसे आदर्श चरित्रों का चित्रण करते हुए हमें संघर्षशील बनने की प्रेरणा लेने आह्वान किया। कार्यक्रम का प्रारंभ स्वामी एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे किशनसिंह भाटी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में सवाईसिंह देवड़ा, उपेंद्रसिंह राठौड़, पन्नेसिंह देवड़ा, खेमेंद्रसिंह जाम, दुर्गसिंह हमीरा, वीरेंद्रसिंह लवारकी, हड़वंतसिंह पिथला, नरेंद्रसिंह बैरसियाला, सांवलसिंह मोढ़ा, आनंद पुरोहित, गिरवरसिंह, मोतीसिंह चौहान, मनोहरसिंह दामोदरा, उदयसिंह, समंदरसिंह, मनोहरसिंह कुंडा, गिरधरसिंह मदनसिंह, कंवराजसिंह तारेंद्रसिंह, दलबीरसिंह सहित कई लोग उपस्थित थे।
जैसलमेर. राजपूत छात्रावास में वार्षिकोत्सव में उपस्थित राजपूत सेवा समिति के लोग।