पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • महोत्सव में सोनार की छवि और राजस्थानी संस्कृति ही दिखनी चाहिए

महोत्सव में सोनार की छवि और राजस्थानी संस्कृति ही दिखनी चाहिए

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
इनदिनों स्वर्णनगरी में डेजर्ट फेस्टिवल में हुए बदलाव का विरोध हो रहा है। पर्यटन व्यवसायी तो मरू महोत्सव के बहिष्कार तक की चेतावनी दे चुके हैं वहीं विधायक ने इस संबंध में पर्यटन मंत्री से बात करने का आश्वासन दिया है।

आमजन भी सकते में है कि दो दिन लगातार सम तक कैसे पहुंचा जाएगा। इस बीच एक और विरोध हो रहा है कि जो नए कार्यक्रम जोड़े जा रहे हैं उनका राजस्थानी लोक संगीत संस्कृति से कोई लेना देना नहीं है। ऐसे में लोगों की मांग है कि उन्हें राजस्थानी संस्कृति से लबरेज डेजर्ट फेस्टिवल चाहिए।

राजस्थानी संस्कृतिकी झलक नहीं होने से विदेशी सैलानियों को मरू महोत्सव कम पसंद आएगा।

पूनमस्टेडियममें केमल टेटू शो नहीं होने से सोनार दुर्ग का बैकग्राउंड नजर नहीं आएगा, जबकि फेस्टिवल के लोगो में सोनार दुर्ग है।

दूसरेदिनका कार्यक्रम सम में होने से शहर के पर्यटन व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान होगा।

सममेंपूरे दिन रुकना तो सैलानियों के लिए और ही स्थानीय लोगों के लिए संभव होगा।

सममेंखाने पीने की सुविधा स्थानीय लोगों के लिए नहीं होगी, यदि अस्थाई व्यवस्था हुई भी तो महंगी पड़ेगी।

सैलानीतोरिसोर्टस में चले जाएंगे लेकिन अन्य देशी सैलानी स्थानीय लोग कहां ठहरेंगे।

सममेंअस्थाई शौचालय की भी सुविधा नहीं है, नगरपरिषद के पास केवल दो ही मोबाइल टायलेट है।

दो दिन सम कैसे पहुंचेंगे >

दो दिन सम में मरू महोत्सव होने का भी भारी नुकसान हो सकता है। शहरी व्यापारियों को तो इससे नुकसान होगा ही लोगों का जुड़ाव भी फेस्टिवल से कम रहेगा। दूसरे दिन के कार्यक्रम जो डेडानसर में होते थे वहां अच्छी खासी भीड़ होती थी लेकिन अब सम में होने से यहां के लोगों का 45 किलोमीटर जाना मुश्किल होगा। तीसरे दिन शाम को सांस्कृतिक संध्या में तो भीड़ हो जाती है लेकिन दूसरे दिन सम में भीड़ होना मुश्किल है।

^मरू महोत्सव में आने वाले विदेशी सैलानी राजस्थान की झलक देखने आते हैं जब उन्हें फेस्टिवल में यह देखने को नहीं मिलेगा तो आने वाले समय में इस महोत्सव से उनका मोह भंग होगा। चंद्रशेखरश्रीपत, होटल व्यवसायी

^दूसरेदिन के कार्यक्रम में सम में आयोजित करने का कोई औचित्य ही नहीं है। सम में स्थानीय दर्शकों के लिए कोई सुविधा नहीं है और पूरे दिन वहां रुकना संभव नहीं है। मेघराजपरिहार, होटल व्यवसायी

पर्यटन व्यवसायियों के अनुसार जिस इवेंट कंपनी को मेले की जिम्मेदारी दी गई है उसे राजस्थानी संस्कृति की जानकारी तक नहीं है। ऐसे में वह डेजर्ट फेस्टिवल को राजस्थानी लुक देकर मॉर्डन लुक देंगे जो कि सैलानियों को शायद ही पसंद आए। उनके अनुसार यहां आने वाले सैलानी राजस्थान को देखना चाहते हैं। जानकारी के अनुसार कंपनी द्वारा जो नए कार्यक्रम जोड़े जा रहे हैं वे बाहरी राज्यों के अलावा बॉलीवुड मॉर्डन है।

खबरें और भी हैं...