विश्व हिन्दू परिषद ने मरू मेले के आयोजन का विरोध किया
विश्वहिन्दू परिषद ने सम में दो दिन डेजर्ट फेस्टिवल आयोजित करने का विरोध किया है। बजरंग दल के संयोजक लालूसिंह सोढ़ा ने बताया की बुधवार को दोपहर 3.30 बजे विश्व हिन्दू परिषद का प्रतिनिधि मण्डल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर इस वर्ष आयोजित होने वाला मरू मेला सीमांत क्षेत्र सम में आयोजित होने वाला है जिसका विरोध दर्ज करवाया। ज्ञापन में बताया कि जैसलमेर जिला पर्यटन की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है तथा यहां आयोजित होने वाला मरू महोत्सव एक अंतर्राष्ट्रीय आयोजन होने के साथ.साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत को यहां आने वाले विश्वभर के पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत करता है। पर्यटन के साथ साथ सीमांत क्षेत्र होने से वर्तमान में यह क्षेत्र अराष्ट्रवादी गतिविधियों का केंद्र भी बनता जा रहा है वर्तमान मे कई पाकिस्तानी जासूसों का पकड़ा जाना भी आगामी खतरे को इंगित करता है।
ज्ञापन में बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी मरू महोत्सव 2016 का आयोजन किया जाएगा परंतु जानकारी मिली है कि महोत्सव के अंतिम दो दिन सम जैसे संवेदनशील सीमांत क्षेत्र में आयोजन किया जाएगा जो की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होने की पूर्ण आशंका है। सम में पर्यटकों के साथ पूर्व में भी कई बार झड़पें हुई है जिससे जैसलमेर के पर्यटन व्यवसाय के लिए खतरा हुआ है। बाहरी तथा शहरी लोगों का सम में जाकर मेला देखना मुश्किल है जैसलमेर के तथा पर्यटन व्यवसाय तथा जैसलमेर की विरासत माने जाने वाले पर्यटन व्यवसाय को ध्यान मे रखते हुए जैसलमेर शहर मे पहले के दो दिन तथा अंतिम दिन सम के स्थान पर कहीं ओर स्थापित करने का आग्रह किया।
विश्व हिन्दू परिषद ने कहा कि जैसलमेर की इस ज्वलंत समस्या का तुरंत प्रभाव से निराकरण करें अन्यथा जैसलमेर की साख माने जाने वाले मरू महोत्सव का बहिष्कार की राह अपनानी पड़ेगी। ज्ञापन देने वालों में विश्व हिन्दू परिषद के जिला अध्यक्ष अनोपसिंह पिथला, जिला मंत्री पवन वैष्णव, विभाग गौरक्षा प्रमुख ताराचंद जोशी, शंभूसिंह छतांगर, जिला उपाध्यक्ष टीकुराम गर्ग, सुनील पालीवाल पुंजराजसिंह आदि उपस्थित थे।
मरु महोत्सव के विरोध को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन देते विहिप के पदाधिकारी।