- Hindi News
- मिग दुर्घटना में घायल युवक का कॅरिअर लगा दांव पर
मिग दुर्घटना में घायल युवक का कॅरिअर लगा दांव पर
बाड़मेर. पीड़ित लूणसिंह झाला।
भास्कर न्यूज | बाड़मेर
हानि-लाभ,जीवन-मरण यश-अपयश विधि के हाथ। कहते हैं यह छह चीजें ईश्वर अपने हाथ में रखता है। मानव तो निमित्त मात्र है, पर 27 जनवरी 2015 को यहां के लूण सिंह के साथ जो घटना हुई उसे वज्रघात माने या मिग घात। दरअसल 27 जनवरी को बाड़मेर शहर के ऊपर से गुजर रहा एक मिग विमान तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त होकर गिर पड़ा। विमान जिस स्थान पर और जिस समय गिरा ठीक उसी समय अपनी शादी का कार्ड बांटकर बाइक से गांव लौट रहा लूण सिंह इस हादसे का शिकार हो गया और उसके दोनों हाथ तथा दाहिना पैर बुरी तरह झुलस गए। उस समय तो सभी ने इसे मिग हादसा बताया, लेकिन इस हादसे ने जो जख्म दिए वह लूण सिंह की जिंदगी में आज भी है। लूण सिंह ने इस बार जैसलमेर में पुलिस कांस्टेबल की भर्ती के लिए हुई परीक्षा में टॉप किया। मैरिट में आए इस युवक को पक्का यकीन था कि वह इस बार निश्चित ही कांस्टेबल बन जाएगा। मार्च के दूसरे सप्ताह में लूण सिंह का साक्षात्कार और फिजिकल टेस्ट होने हैं पर अब टेस्ट में वह हादसे के दौरान घायल होने से शरीक नहीं हो सकता।
लूणसिंह बताते हैं कि 30 जनवरी काे उनकी शादी थी और 27 को वे दुर्घटना के शिकार हो गए। चूंकि विवाह के रीति रिवाज हो चुके थे और कार्ड भी बंट गए थे। इसलिए उन्होंने 30 जनवरी को शादी तो कर ली पर अब नौकरी के लिए उन्हें भटकना पड़ रहा है। इस हादसे के बाद वायुसेना या जिला प्रशासन की से उन्हें कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है। अभी जख्मों की पट्टी कराने के लिए वे रोज गांव से अस्पताल टैक्सी से आते जाते हैं। आने जाने तथा दवा पर रोज का करीब 1500 से दो हजार रुपए खर्च हो रहे हैं लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है।
सरकारइतना तो करे
लूणसिंह का कहना है कि राज्य सरकार या पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इतना तो कर सकते हैं कि जब तब मैं पूरी तरह से स्वस्थ हो जाऊं तब तक मेरा चयन प्रकिया को आगे के लिए बढ़ा दिया जाए, पर एक व्यक्ति के लिए ऐसा करना शायद सरकार के लिए भी संभव नहीं हो। ऐसी स्थिति में मेरे भविष्य के साथ क्या होगा, मैं खुद नहीं समझ पा रहा हूं। यह तो मेरे लिए वज्रघात से कम नहीं है। साथ ही आगे यदि शरीर में कोई विकलांगता रह जाती है तो ऐसी स्थिति में मेरे साथ कैसे न्याय होगा। वे चाहते हैं कि पुलिस प्रशासन या राज्य सरकार एक पद रोककर शेष पर साक्षात्कार की प्रक्रिया कराए तो आगे मैं स्वस्थ होकर साक्षात्कार में शामिल हो सकता हूं।
िफजिकलके अंितम दिन तक इंजतार कर सकते हैं
^अभीसाक्षात्कार की तििथ तय नहीं हुई। ितथि तय होने के बाद लूणसिंह का साक्षात्कार के अंतिम दिन तक इंतजार करेंगे। आिखर दिन भी वे नहीं आए तो हम कुछ नहीं कर पाएंगे। डॉ.राजीव पचार, एसपी, जैसलमेर