तनोट में उमड़ रहा है आस्था का सैलाब
सीमावर्तीक्षेत्र में स्थित शक्तिपीठ तनोटराॅय मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। दूर दराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंच रहे हैं। इन दिनों दिन में जहां भीषण गर्मी का असर रहता है वहीं रात्रि में गुलाबी ठण्ड का एहसास होता है। बदलते मौसम के बावजूद माता के भक्तों पर इसका कोई असर नजर नहीं रहा है। शनिवार को रात्रि में श्रद्धालुओं के ठहरने की जगह भी कम पड़ गई। तनोट में बना एकमात्र विश्राम गृह फुल हो गया और जगह नहीं होने के कारण सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सड़क पर खुले में रात गुजारी। लेकिन इस बात की किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी नहीं हो रही है। रात्रि में 10 बजे मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं जिससे रात में माता के दर्शन नहीं हो पाते। ऐसे में दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को रात्रि विश्राम करना पड़ता है। नवरात्र में नौ दिनों तक चलने वाले मेले में अब तक हजारों श्रद्धालु माता तनोट के दर्शन कर चुके हैं। तनोट माता के प्रति बढ़ती प्रगाढ़ आस्था का प्रमाण है कि माता के दर्शनार्थ आने वाले भक्तों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मेले में आने वाले श्रृद्धालुओं के रहने खाने की व्यवस्था तनोट माता ट्रस्ट की ओर से की निशुल्क जाती है। मंदिर में प्रतिदिन तीन समय आरती होती है। आरती के दौरान समूचा मंदिर खचाखच भर जाता है और माता के दर्शनों के लिए लम्बी कतारें लग जाती है।
भजनसंध्या का आयोजन : तनोटमाता मंदिर में इन दिनों वातावरण भक्तिमय हो गया है। दिन में जहां भक्तों की आवाजाही बनी रहती है वहीं रात्रि में बहने वाले भक्ति रस में माता के भक्त झूमते रहते हैं। मंदिर में रात्रि में हो रहे भजनों पर भक्त थिरकने को मजबूर हो जाते हैं। भजनों का सिलसिला पूरी रात चलता रहता है। शनिवार को रात्रि में सुमेरपुर आए श्रद्धालुओं ने रात्रि जागरण का आयोजन किया। रात भर चले भजनों का माता के भक्तों ने आनन्द लिया। पूरी रात माता के जयकारों से आसमान गुंजायमान रहा।
चिकित्साशिविर: तनोटमेले के मद्देनजर 135वीं वाहिनीं सीमा सुरक्षा बल के द्वितीय कमान अधिकारी गजराजसिंह के निर्देशन में तनोट में निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया है। जहां मरीजों का उपचार कर दवाइयां दी जा रही है। तनोट माता के दर्शनार्थ पैदल आने वाले भक्तों में से कई भक्त चिकित्सा शिविर में स्वास्थ्य लाभ लेते हैं। साथ ही दूर दराज से