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जैसिट एपिट की चपेट में खरीफ की फसल

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | गुडा बालोतान

कस्बेसहित क्षेत्र के कई गांवों के में खड़ी मूंग की फसल में हरी लट, तिल की फसल में कलातरा ग्वार की फसल में जैसिट एपिट (मौला) का प्रकोप होने से फसलों का ऊपरी भाग मुरझाने का मामला सामने आया है। मूंग ग्वार की फसलों में कीट के कारण बीमारी लग जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कस्बे सहित आसपास के गांवों के किसानों ने इस बार मूंग ग्वार फसल की प्रचुर मात्रा में बुवाई की है। इस वर्ष बारिश भी देरी से हुई जिससे किसानो की ओर से भी देरी से बुवाई करने के बाद करीब बीस पच्चीस दिनों के अंतराल में सितंबर माह के दौरान दो-तीन बार लगातार बारिश एवं आवश्यकतानुसार धूप नहीं खुलने से कई जीव पैदा हुए इससे मूंग की फसल में हरी लट लगने के साथ लट पत्तियों में छेद करने ग्वार की फसल में जैसिट एपिट (मौला) कीट के कारण फसल के ऊपरी भाग मुरझाने का प्रकोप फैल गया है। ग्वार की फसलों की जड़ों में जैसिट एपिट (मौला) कीट द्वारा फसलों की जड़ों का रस चूस लेने से पौधे मुरझा रहे है। इसके अलावा फसल में फाल (फलियां) भी नहीं लग रही है। हालांकि किसानो की ओर से फसलों को बचाने के लिए बाजार से कीटनाशक दवाईयां खरीदकर फसलों में छिड़काव कर बचाने का जतन किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि बाजारों में दवाईयों की दरे मंहगी होने से उन्हे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगर कृषि विभाग की ओर से समय समय पर सहकारी समितियों से अनुदान पर दवाईयां उपलब्ध करवाई जाए तो किसानों को उचित मुल्य पर कीटनाशक मिल सकेगी। फिलहाल बाजरे की फसलों में किसी तरह का रोग नही लगने से किसानों ने राहत महसूस कीे है।

इनका कहना

^क्चगुडाबालोतान सहित आसपास के गांवों के किसानों ने हरी लट जैसिट एपिट (मौला) का प्रकोप होना बताया है। किसानों की समस्या को लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा। -दानारामगर्ग, सहायककृषि अधिकारी, गुडा बालोतान

^खेतोंमें हरी लट जैसिट एपिट (मौला) नामक बीमारी का प्रकोप हुआ होने का कारण देर से बारिश होना है। अब मौसम साफ है तथा धूप भी खिल रही है। जिससे थोड़े दिनो के बाद फल लगना भी शुरू हो जाएगा। ऐसे कीटों से फसलों के बचाव के लिए किसानों को जहां पानी उपलब्ध है वहां मोनो क्रोटोफोस दवाई का छिड़काव करना चाहिए। जहां पानी उपलब्ध नहीं है वहां पर मिथायल पैराथियोन का भुरकाव करना चाहिए। -गणेशमीणा, सहायकनिदेशक,