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इस बार डोली पर आएंगी और हाथी पर जाएंगी माता
पंडितपवन दाधीच के अनुसार शारदीय नवरात्र का पहला दिन 25 सितंबर गुरुवार है। इस दिन कलश स्थापित किया जाएगा। कलश में माता दुर्गा समेत सभी देवी-देवताओं का आवाहन होगा। जौ रोपण के बाद शैलपुत्री की पूजा होगी। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू हो जाएगा।
नवरात्रि महोत्सव को लेकर सजने लगे पांडाल
नवरात्रिमहोत्सव को लेकर शहर में जगह-जगह पांडाल सजने लगे हैं। इनकी तैयारियां भी अब अंतिम चरण में चल रही है। शहर के चामुंडा माता, आशापूर्णा कॉलोनी, सरावास, शास्त्री नगर, राजेंद्र नगर, बड़ी पोल, ब्रह्मपुरी पुरा मोहल्ला, गांधी चौक समेत विभिन्न कॉलोनियों में गरबा डांडिया के लिए पांडाल को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने इस बार प्रतिदिन प्रतियोगिताएं आयोजित करने का भी निर्णय लिया है।
>25 सितंबर को सुबह 9 से दोपहर 1.30 बजे तक चल, लाभ और अमृत के योग होने से घटस्थापना के लिए श्रेष्ठ समय रहेगा।
>इसी तरह इस दिन दोपहर 4.30 से रात 9 बजे तक शुभ, अमृत एवं चल का मुहूर्त श्रेष्ठ रहेगा। - नवरात्रि में कुल परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना करना चाहिए। परिवारों में जिस परंपरा के अनुसार पूजन होती आई है, उसी के अनुसार पूजा करना चाहिए।
नवमीदशमी 3 को
>2अक्टूबर को सुबह 8.37 बजे से नवमी शुरू हो जाएगी, जो शुक्रवार को सुबह 6.34 बजे तक रहेगी। नवमी को सिद्धिदात्री की पूजा दो तारीख की रात्रि या 3 तारीख की सुबह 6.34 बजे के पहले करनी होगी। 3 तारीख को प्रात: 6.34 बजे के बाद से दशमी हो जाएगी।
भास्कर न्यूज | जालोर
शारदीयनवरात्र 25 सितंबर गुरुवार से शुरु हो रहे हैं। इसी दिन कलश स्थापना के साथ प्रथम शैलपुत्री की पूजा होगी। वहीं दुर्गा पूजा 3 अक्टूबर को है। इस बार माता का आगमन डोली पर और प्रस्थान हाथी पर हो रहा है। ज्योतिष के अनुसार माता का डोली पर आगमन कष्टकारी है। लेकिन, हाथी पर जाना शुभकारी है। माता का हाथी पर आना या जाना वृष्टि कारक है। माता जल देगी। यानी खेती-किसानी के लिए बेहतर योग है। विजयादशमी के दिन या उसके बाद अच्छी बारिश हो सकती है। खास यह भी है कि इस बार एक तिथि की हानि है, यानी नवरात्र आठ दिनों का ही होगा। नौवें दिन विजयादशमी होगी।
युवतियांकर रही गरबे की प्रेक्टिस
नवरात्रको लेकर युवक-युवतियों ने रिहर्सल तेज कर दी है। इसके लिए प्रशिक्षण कैंप भी आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्