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- ‘गुरु समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है’
‘गुरु समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है’
अलावा सी गांव की पहाड़ी पर स्थित मल्लिनाथ मंदिर तलहटी में सत्रारंभ वाक्पीठ के दौरान शिक्षकों ने वार्ता सत्र के दौरान किया मनन
भास्कर न्यूज. गुडाबालोतान
निकटवर्ती आलावा सी गांव की पहाड़ी पर स्थित मल्लिनाथ मंदिर तलहटी परिसर में राउप्रावि रसियावास कलां के तत्वाधान में पंचायत समिति आहोर के राजकीय प्राथमिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संस्था प्रधानों की दो दिवसीय सत्रारंभ वाक्पीठ की संगोष्ठी का शनिवार को समापन हुआ। समापन कार्यक्रम अतिरिक्त जिला कलेक्टर आशाराम डूडी के मुख्य आतिथ्य, बीईईओ मोहनलाल लोहार की अध्यक्षता एवं तहसीलदार शंकराराम गुर्ज्रर, वाक्पीठ अध्यक्ष राजू खां हब्शी, सचिव मदनसिंह बालोत, एबीईईओं प्रकाशचंद्र चौधरी सुरेश कुटल की मौजूदगी में हुआ।
ुख्य अतिथि डूडी ने वाक्पीठ को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक गुरू समाज में फैले अशिक्षा रूपी अंधकार को ज्ञान रूपी दीपक से दूर करता है। वही प्राथमिक शिक्षा से ही बालकों में सुसंस्कारों का निर्माण होता है। बालकों को सुसंस्कारवान अच्छा शिक्षक गुरू ही बना सकता है। इस दौरान डूडी ने शिक्षकों के कर्तव्यों नशा प्रवृत्ति के त्याग में शिक्षको की भूमिका को स्वरचित कविता के माध्यम से शिक्षको तक पहुॅचाया। वाक्पीठ में वार्ताकार जालोर ड़ाईट व्याख्याता हनुमानप्रसाद उपाध्याय ने मानव मूल्यों की स्थापना में शिक्षकों की भूमिका क्रियात्मक अनुसंधान एवं शैक्षिक समस्याओं के समाधान पर प्रकाश ड़ाला। वही शिक्षक सुमेरसिंह बालोत ने सतत एवं व्यापक मूल्याकंन तथा वार्ताकार जालोर ड़ाईट व्याख्याता लहरीराम माली ने आठवीं बोर्ड परीक्षा विद्यालयो के एकीकरण एवं विद्यालय के उद्देश्यपरक संचालन में प्रधानाध्यापक की भूमिका पर विचार रखे। वहीं वार्ताकार गोपालसिंह मंडलावत ने रीडिंग कैंपेन कार्यक्रम सर्व शिक्षा अभियान की गतिविधियों एवं राउमावि गुड़ा बालोतान प्रधानाचार्य भगवतीप्रसाद ने सेवाभिलेख संधारण/ अवकाश प्रकार नकारात्मक सामग्री के निस्तारण के बारे में वार्ता दी। एबीईईओ प्रकाशचंद्र चौधरी ने विद्यालय अवलोकन सतत शिक्षा तथा खंड़ चिकित्सा अधिकारी जीएम सैय्यद ने बालकों के स्वास्थ्य परीक्षण स्वास्थ्य संरक्षण के बारे में जानकारी प्रदान की। इसी के साथ एबीईईओ सुरेश कुटल ने शिक्षकों की समस्याओं शिक्षण के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में बताते हुए शिक्षकों से शिक्षा