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दूसरे दिन भी जवाई नहर की टेल पर मैंटेन नहींं हुआ गेज

5 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | गुडा बालोतान

जवाईकमांड क्षेत्र में पिछले दो दिनों से जवाई नहर से दिया जा रहा अंतिम पाण की सिंचाई का पानी नहर की विभिन्न टेल तक निर्धारित गेज के अनुसार नही पहुंच रहा जिससे सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ सिंचाई का पानी नहीं मिलने से किसान भी परेशान नजर रहे हैं।

हालांकि जालोर, पाली सिरोही जिले के सिंचाई विभाग के अधिकारी जवाई नहर की माईनर, टेल आउटलेट का गेज मेंटेन करने के लिए जी जान से जुटे हैं। फिर भी जवाई बांध से रोजाना 40 एमसीएफटी पानी छोड़े जाने से टेल का गेज मेंटेन करना सिंचाई विभाग के लिए चुनौती बना हुआ हैं। अगर जवाई बांध से रोजाना 50 एमसीएफटी पानी छोड़ा जाता है तो टेल का गेज पिछले दिनों में दी गई तीन पाणों के अनुसार सही ढंग से मेंटेन हो पाता हैं। मगर अधिकारियों की ओर से जवाई बांध के सिंदरु हैड से ही पानी छोड़े जाने में कंजूसी बरती जा रही है। इसका खामियाजा टेल क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ सकता है। सिंचाई विभाग के अधिकारी भी पिछली तीन पाण के दौरान बरती लापरवाही को सबक मानकर अंतिम पाण के पांच दिनों के लिए सावधानी पूर्वक पानी छोड़ रहे है। ये बात अलग हैं कि सिंचाई विभाग के अधिकारी खुलकर तो नहीं बता पा रहे मगर सच जुबान से निकल ही आता है। ऐसे में अगर यही स्थिति रही तो टेल क्षेत्र के किसानों को गेहूं की फसल की सिंचाई करने में परेशानी होगी।

इस तरह हो सकता समाधान

जवाईकमांड आहोर क्षेत्र के किसानों के खेत जवाई नहर की टेल से करीब तीन से चार किमी दूरी पर अंतिम छोर पर आए हुए हैं। ऐसे में टेल पर पर्याप्त गेज से पानी नहींं पहुंचने की स्थिति में अंतिम छोर के किसान का रकबा सिंचित नही हो पा रहा है। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को हैड के रायड़े वाले पाइप के साथ गेहूं की बाराबंदी पूरी होने पर हैड के पाइप बंद कर दे तो टेल क्षेत्र के किसानों को परेशानी से बचाया जा सकता है।

रोडला टेल स्थित किसानों की बाराबंदी का समय शनिवार रात नौ बजे से शुरू हो गया था। मगर रविवार शाम तक माईनर की टेल तक पानी पहुंचने से बाराबंदी वाले किसानों को सिंचाई के पानी से वंचित रहना पड़ा। रोडला सरपंच लक्ष्मीकंवर ने बताया कि सांडेराव नहर की रोडला टेल पर शनिवार शाम 7 बजे पानी आने का निर्धारित समय था। मगर दूसरे दिन रविवार शाम साढ़े चार बजे करीब 18-19 घंटे के बाद टेल तक पानी पहुंचा। जिससे आरडी संख्या 74000 पर करीब 450 बीघा गेहूं का रकबा सिंचाई से वंचित रहा। वहीं आरडी संख्या 20000 पर भी पानी समय पर नहीं पहुंचने से करीब 250 बीघा गेहूं का रकबा सिंचाई से वंचित रह गया। जिसमें किसान तख्तसिंह, लक्ष्मणसिंह, महेशकुमारसिंह, हंसाराम कुम्हार सहित कई किसानों को गेहूं की फसल की सिंचाई करने के लिए पानी नहीं मिल पाया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने समाधान को लेकर जवाब तक नहीं दिया।

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