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सीएमएचओ को उनके कारनामे उजागर करने की धमकी देने वाला डॉ. विश्नोई एपीओ

5 वर्ष पहले
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सीएमएचओडॉ. गजेंद्रसिंह देवल मोदरान चिकित्साधिकारी डॉ. भंवरलाल विश्नोई के बीच रविवार को फोन पर हुए विवाद के बाद कलेक्टर अनिल गुप्ता ने सोमवार शाम चिकित्साधिकारी डॉ. विश्नोई को एपीओ कर दिया। इस दौरान उनका मुख्यालय जयपुर रहेगा। गौरतलब है कि दोनों में फोन पर हुई बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दोनों का विवाद जिलेभर में चर्चा का विषय रहा। फोन पर बातचीत के दौरान मोदरान चिकित्साधिकारी डॉ. विश्नोई ने सीएमएचओ पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इस बीच कलेक्टर ने सोमवार को सीएमएचओ डॉ. देवल से पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद डॉ. विश्नोई को एपीओ कर दिया। इधर, मोदरान पीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. भंवरलाल विश्नोई ने “भास्कर’ से बातचीत में सीएमएचओ पर मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया। डॉ. विश्नोई का कहना था कि सीएमएचओ जब भी मोदरान आते हैं या उनसे कहीं भी मुलाकात होती है तो वे मुझे देख लेने की धमकी देते हैं। डॉ. विश्नोई ने बताया कि उन्होंने सीएमएचओ कार्यालय में दस्तावेजों की जानकारी लेने के लिए सूचना के अधिकार के तहत प्रार्थना पत्र दे रखे हैं। इसी के चलते सीएमएचओ उन्हें परेशान कर रहे हैं।

जनप्रतिनिधि के आग्रह पर सीएमएचओ ने फोन पर दिए थे हॉस्पिटल खोलकर एक बच्ची को रैबीज का इंजेक्शन लगाने के निर्देश, डॉ. भंवरलाल विश्नोई ने मना कर की थी बदसलूकी

डॉक्टर को एपीओ किया है

^सीएमएचओसे बदसलूकी करने के मामले में मोदरान चिकित्सालय के एमओ डॉ. भंवरलाल विश्नोई को एपीओ कर दिया गया है। -डॉ. अनिल गुप्ता, कलेक्टर, जालोर

आरोप कोई भी लगा सकता है

^मोदरानके एमओ डॉ. विश्नोई की ओर से मेरे साथ फोन पर बदसलूकी करने के मामले में कलेक्टर साहब को अवगत करा दिया है। इस पर उन्हें एपीओ कर दिया गया है। आरटीआई के तहत जानकारी नहीं दी जाती है तो आवेदक उच्चाधिकारी को शिकायत कर सकता है। -डॉ.गजेंद्रसिंह देवल, सीएमएचओ,जालोर

रविवार को एक बालिका को रैबीज का इंजेक्शन इश्यू करने को लेकर सीएमएचओ डॉ. गजेंद्रसिंह देवल तथा मोदरान पीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. भंवरलाल विश्नोई के बीच हुई बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया था। इस बातचीत में सीएमएचओ डॉ. देवल जहां चिकित्साधिकारी डॉ. विश्नोई से यह कह रहे थे कि तुम्हारी काफी शिकायतें मेरे पास है, वहीं डॉ. विश्नोई ने भी उनसे कहा कि वे और ब्लॉक सीएमएचओ क्या-क्या कारनामे करते हैं, इसकी उन्हें भी जानकारी है। इधर, करीब दो मिनट के इस ऑडियो में दोनों ने एक-दूसरे पर कई आरोप भी लगाए।

मोदरान से इश्यू हुआ इंजेक्शन

डॉ.विश्नोई ने बताया कि धानसा की बालिका को रैबीज का इंजेक्शन मोदरान से ही इश्यू हुआ है, जबकि सीएमएचओ कह रहे हैं कि जालोर से लाकर बालिका को इंजेक्शन लगाया गया। डॉक्टर ने बताया कि बालिका को इंजेक्शन इश्यू करने के बाद रजिस्टर में एंट्री भी की गई है।

डॉ. विश्नोई ने 1 साल में 19 आरटीआई लगाई, एक का भी नहीं दिया जवाब

डॉ.विश्नोई ने बताया कि उन्होंने पिछले एक साल में सीएमएचओ कार्यालय में 19 आरटीआई लगाई है, लेकिन उनके एक भी पत्र का जवाब सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त नहीं हुआ। आखिरकार उन्हें संयुक्त निदेशक को प्रथम अपील करनी पड़ी, तब वहां से 6 आरटीआई के जवाब आए। डॉ. विश्नोई ने बताया कि आरटीआई के तहत आवेदन करने से सीएमएचओ उनसे खफा है, इसी कारण मुझे परेशान किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि मेरे खिलाफ यदि कोई शिकायत है तो विभागीय कार्यवाही की जाए, दया किस बात की कर रहे हैं।

फोन पर हुआ था दोनों में विवाद

एकबच्ची को कुत्ता काटने के बाद उसके परिजन पंचायत समिति सदस्य लालसिंह के साथ उसे लेकर मोदरान चिकित्सालय पहुंचे, लेकिन यहां चिकित्साधिकारी डॉ. विश्नोई ने यह कहकर रैबीज का इंजेक्शन नहीं लगाया कि अस्पताल का समय खत्म हो गया है। इस पर पंचायत समिति सदस्य ने सीएमएचओ को शिकायत की।

इसलिए सीएमएचओ डाॅ. विश्नोई से हैं खफा

मोदरानचिकित्साधिकारी डॉ. भंवरलाल विश्नोई की माने तो उन्होंने सीएमएचओ कार्यालय में सूचना के अधिकार के तहत 19 प्रार्थना पत्र लगा रखे हैं। इसके बाद से सीएमएचओ कहीं भी मिलते हैं तो उन्हें देख लेने की धमकी देते हैं। डॉ. विश्नोई का आरोप है कि सीएमएचओ ने उन्हें काफी समय से परेशान कर रखा है।

30 जनवरी को प्रकाशित समाचार।

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