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12 वर्षीय स्कूली बच्चों ने शुरू की सुंदेलाव तालाब की सफाई
सुंदेलावतालाब की दुर्दशा को देख स्कूली बच्चों का कोमल मन भावनाओं से भर उठा,छोटे छोटे हाथों से बच्चों ने कुदाली फावड़ा लेकर तालाब की सफाई में जुट गए। करीब दो घंटे तक जालोर पब्लिक स्कूल के विभिन्न कक्षाओं के 40बच्चों ने तेज धूप के बावजूद लगातार दो घंटे तक तालाब किनारे तथा आसपास बिखरी गंदगी को हटाया। स्कूल के शारीरिक शिक्षक कन्हैयालाल मिश्रा भी इस काम में जुटकर बच्चों की हौसला अफजाई कर रहे थे। सफाई कर रहे बच्चों ने तालाब की गंदगी को लेकर बताया कि हमने जब दैनिक भास्कर में तालाब में तथा आसपास फैली गंदगी के बारे में पढ़ा तो ऐतिहासिक तालाब की दुर्दशा देख अपने आप पर गुस्सा आया। हमने सोचा क्यों इसकी दशा सुधारने को लेकर हम ही पहल करें और सबने मिलकर तालाब की सफाई करने का प्रण लिया। इस मौके स्कूल के निदेशक जबरसिंह राठौड़ ने बच्चों की हौसलाअफजाई करते हुए इस नेक काम के लिए उन्हें बधाई दी।
सफाईसे पहले ली शपथ : स्कूलीबच्चों ने तालाब की दुर्दशा देख इसकी सफाई की शपथ लेते हुए कहा कि हम खुद इसकी सफाई का ध्यान रखेंगे तथा शहरवासियों को भी तालाब की सफाई के लिए प्रेरित कर उनसे रिक्वेस्ट करेंगे।
स्वच्छ तालाब स्वच्छ शहर अभियान में आप भी करें सहयोग
शहरके ऐतिहासिक पौराणिक महत्व का पवित्र सरोवर गंदगी की जद में हैं,इसकी सफाई देखरेख की जिम्मेदारी प्रशासन के साथ साथ हमारी भी बनती हैं। भास्कर की इस मुहिम में छोटे बच्चों ने पहल कर हम सबको इसकी सफाई के लिए प्रेरित किया हैं। शहरवासियों के साथ शहर की स्कूलें कॉलेज के युवाओं के साथ आम नागरिक इस अभियान से जुड़कर सुंदेलाव तालाब की सफाई में अपना योगदान दें।
इस तालाब को तो पवित्र नहीं कह सकते
^दादादादी से रोज सुनता हूं सुंदेलाव तालाब के बारे में कि वह हमारे शहर का पवित्र सरोवर है। मगर आज जब इसमें पसरी गंदगी देखी तो पता चला कि इसकी स्थिति तो सीवरेज से भी बदत्तर हैं। हमने तो इसकी सफाई को लेकर अपना दायित्व निभाना शुरू कर दिया। -मनीष चौधरी, 12वर्षकक्षा 9
गंदगीदेख हमें शर्म आती हैं
^सुंदेलावतालाब जालोर शहर का ऐतिहासिक तालाब हैं,इसकी प्रशंसा के बारे में खूब सुना था मगर गंदगी देख शर्म रही है। तालाब में तैरती बतखें रंग बिरंगे परिंदों की कलवर देख मन प्रसन्न हो जाता हैं,मगर तालाब का पानी आसपास बिखरी गंदगी देख गुस्सा भी रहा हैं। इसकी सफाई का ध्यान रखना हम शहरवासियों की जिम्मेदारी हैं,हमने तो निभानी शुरू कर दी आप कब कर रहे हैं इसकी शुरुआत। ऋतुचंपावत, 14वर्षकक्षा9
तालाब साफ रहेगा तो हम स्वस्थ रहेंगे
^इनदिनों वायरस जनित बीमारियां बढ़ रही हैं,इसके पीछे गंदगी सबसे बड़ा कारण हैं। जब शहर का सबसे बड़ा तालाब गंदगी से अटा है तथा इसका पानी सीवरेज के पानी जैसा हो गया हैं तो बीमारी कैसे नहीं फैलेगी। हमने अखबार में जब यहां फैली गंदगी के बारे में पढ़ा तो बच्चों ने मिलकर सर से यहां सफाई करने की बात कही और इसकी शुरूआत की। सुरेंद्रसिंहचौहान,15 वर्षकक्षा 9
इतनी गंदी तो हमारी गलियां भी नहीं
^शहरकी शान कहा जाने वाला सुंदेलाव तालाब वाकई इतना गंदा होगा,ये मैने सोचा भी नहीं था। इतनी गंदी तो हमारे मोहल्ले की गलियां भी नहीं हैं। आज हम सभी बच्चों को शर्मिंदगी महसूस हुई जब इस तालाब की हालत देखी। हमने तो अपना काम किया,लोगों को भी हम बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए शहरवासियों को भी इसकी सफाई के लिए आगे आना होगा। अनिशा,15वर्षकक्षा 9
जालोर. सुंदेलाव तालाब पर श्रमदान के बाद तालाब को स्वच्छ रखने की शपथ लेते स्टूडेंट्स।
जालोर. सुंदेलावतालाब पर श्रमदान करते जालोर पब्लिक स्कूल के बच्चे।