पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • \"देश के विकास के लिए जागरूकता जरूरी\'

\"देश के विकास के लिए जागरूकता जरूरी\'

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
स्वामी आर्यवेश ने किया सामाजिक कुरीतियों को मिटाने का आह्वान

जालोर | भारतको फिर से आर्याव्रत का गौरव दिलाने फिर से विश्व गुरु बनाने के लिए देश में व्याप्त भ्रष्टाचार सामाजिक कुरीतियों को जड़ से मिटाना होगा। इसके लिए आर्य समाज की ओर से विभिन्न समाज के संगठनों के सहयोग के साथ सात देशव्यापी समस्याओं को लेेकर सब क्रांति एजेंडा बनाकर अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसके लिए सामाजिक जागरूकता भी जरुरी है।

डिस्कॉम के रेस्ट हाऊस में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पत्रकारों से वार्ता करते हुए सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के अंतर्राष्ट्रीय प्रधान आर्यवेश महाराज ने यह बात रविवार को कही। उन्होंने कहा कि देश में शराबबंदी, गोहत्या पर रोक, अनिवार्य समान शिक्षा का प्रावधान लागू करने सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार से चर्चा कर दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दहेज हत्या, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने, शोषण से मुक्ति सांप्रदायिकता मुक्त समाज के लिए देश में कई कानून तो बनाए गए, लेकिन भ्रष्टाचार की समस्या, राजनीतिक दबाव सामाजिक जागरूकता की कमी के चलते इनकी प्रभावी ढंग से पालना नहीं हो पा रही है। शेषपेज 21



इसदौरान उन्होंने आधुनिकता के बढ़ते प्रभाव से बच्चों में घटते संस्कार बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। इस अवसर पर सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के राष्ट्रीय उप मंत्री रामसिंह आर्य, नारायणसिंह आर्य, भंवरलाल आर्य, विरजानंद आर्य, राष्ट्रीय उपप्रधान संतराम आर्य, दीक्षेंद्र आर्य, हरिसिंह आर्य, अजीतसिंह गहलोत, दलतपसिंह आर्य, कृष्ण कुमार, जगदीश आर्य, विनोद आर्य सुशीलपालसिंह सहित आर्य वीर दल पदाधिकारी सदस्य उपस्थित थे।

यह रहेंगे सब क्रांति एजेंडा के मुद्दे

स्वामी आर्यवेश ने बताया कि आर्य समाज की ओर से वर्ष 2005 से महर्षि दयानंद की जन्मस्थली गुजरात के टंकारा गांव से चलाए रहे सब क्रांति एजेंडे में विभिन्न संगठनों से चर्चा के बाद सात देशव्यापी ज्वलंत मुद्दों को शामिल किया गया है जिसके तहत सामाजिक जागरूकता के लिए अभियान चलाने के साथ इन समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए सरकार से चर्चा कर दबाव बनाया जाएगा।

नशा मुक्त भारत का सपना

शराबबंदी के लिए सरकार को प्रांतव्यापी स्तर की अपेक्षा देशव्यापी स्तर पर शराब के उत्पादन बिक्री पर अंकुश लगाना होगा। वहीं स्मैक, गांजा चरस सहित अन्य त