गेट मित्र रोकेंगे संभावित हादसे
मानवरहितरेलवे क्रॉसिंग पर संभावित हादसों को रोकने के लिए रेलवे विभाग सजग हुआ है। जिसके तहत ऐसे मानवरहित क्रॉसिंग जहां हादसे हो चुके हैं या अधिक यातायात के चलते हादसे की संभावना रहती है। उन्हें रेलवे ने चिह्नित किया है और वहां सुरक्षाकर्मी लगाए जा रहे हैं, इन्हें गेट मित्र कहा जाएगा। रेलवे का मानना है कि मानवरहित रेलवे फाटक पर गेट मित्रों की नियुक्ति कर देने के बाद वहां होने वाले हादसों से काफी तक निजात मिल सकेगी।
खास बात यह है कि समदड़ी-भीलड़ी रेल खंड में 74 मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग है। जहां हादसे की संभावना रहती है। फिलहाल रेलवे के गैंगमेन को पटरियों की जांच के साथ साथ यह कार्य भी सौंपा गया है। बाद में रेलवे के सर्कुलर के अनुसार सभी मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग को मानवसहित में बदला जाना है।
सवेरे 6 से शाम 6 बजे तक तैनात रहेंगे गेट मित्र
रेलवेसूत्रों के अनुसार मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर जितने भी हादसे हुए हैं वे दिन में ही हुए हैं। रात में अक्सर ट्रेन की रोशनी के कारण लोगों को ट्रेन के आने की जानकारी लग जाती है। इसलिए रेलवे ने इस आधार पर सवेरे 6 से शाम 6 बजे तक कार्मिक नियुक्त किया है।
अभी गैंगमैन ही संभालेंगे काम
रेलवेसूत्रों के अनुसार रेलवे ने 223.44 किलोमीटर लंबे समदड़ी-भीलड़ी रेल खंड में कुल 74 मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग हैं। इनमें से रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ने 22 मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग को चिह्नित किया है, जहां पर यातायात अधिक रहता है। साथ ही ऐसे क्रॉसिंग जहां हादसे हो चुके हैं या हादसे की संभावना है। अभी रेलवे की ओर से ऐसे क्रॉसिंग पर ट्रेनों की आवाजाही के दौरान लोगों को ट्रेनों की आवाजाही होने पर रोकेंगे।
126 अनमेंट क्रॉसिंग चिह्नित
^जोधपुरडिविजन में 126 ऐसे मानव रहित क्रॉसिंग चिह्नित किए गए हैं, जहां हादसे हो चुके हैं या संभावना रहती है। यहां अभी टेक मैन ही लोगों को जागरुक करने का काम कर रहे हैं। -राजीव शर्मा, डीआरएम,उत्तर पश्चिम रेलवे, जोधपुर
हो चुके हैं बड़े हादसे
यहमामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर गंभीर हादसे हो चुके है और इन हादसों में लोगों ने जान भी गंवाई। इसके बाद रेलवे ने सभी मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग को मानवसहित क्रॉसिंग में बदलने की पॉलिसी निर्धारित की, लेकिन अभी तक अधिकतर क्रॉसिंग पर बेरियर लगाने का काम