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हौसलों से मिली उड़ान, किसान की बेटी बनी जालोर प्रधान

6 वर्ष पहले
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मनमें लगन हो और हर मुकाम हासिल करने का जज्बा तो मंजिल पाना मुश्किल नहीं है। यह बात सिद्ध कर दिखाई है जालोर से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित छोटे से गांव सांथू की 23 वर्षीय बेटी संतोष भील ने। जो हाल ही में संपन्न हुए पंचायती राज चुनाव में जालोर पंचायत समिति प्रधान के रूप में निर्वाचित हुई है। अपनी बिटिया के प्रधान चुने जाने पर पिता कीकाराम और माता मांगीदेवी की खुशियों का ठिकाना नहीं था। इस खुशी के पल में वे भावुक हो उठे और आंखें भर आई। उन्हें अपनी बिटिया पर नाज महसूस हो रहा था तो पांच भाइयों को भी अपनी बहन के प्रधान पर निर्वाचित होने पर गर्व महसूस हो रहा था।

नवनिर्वाचित प्रधान का कहना है कि सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारित करना जरुरी है और फिर उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सतत परिश्रम की जरूरत पड़ती है। इन दोनों को तालमेल होने पर सफलता कदम चूमती है। उनका कहना है कि जिले में बालिका शिक्षा पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता, लेकिन अब वह समय गया है जब प्रत्येक अभिभावक को इस ओर ध्यान देना चाहिए।

हाळी हैं पिता

प्रधानसंतोष भील के पिता किसान है और दूसरों के खेतों पर हाळी (खेत पर मजदूरी) का काम करते हैं। माता मांगीदेवी गृहिणी है। अशिक्षित होने के बावजूद दोनों ने ही संतोष को शिक्षा के लिए प्रेरित किया। संतोष के पांच भाइयों में सबसे बड़ा भाई धन्नाराम, ओमाराम खेती करते हैं। तीसरा भाई सूजाराम बीए फाइनल में पढ़ाई कर रहा है। जबकि दो छोटे भाई रतनलाल बीएड कर रहा है और सबसे छोटा भाई नरपतलाल भी कॉलेज में पढ़ रहा है। जबकि दो बड़ी बहनें अशिक्षित हैं, जिनकी क्रमश: जालोर और भैंसवाड़ा में शादी हो चुकी है।