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सुधर सकते हैं सुंदेलाव तालाब के हालात

6 वर्ष पहले
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पूर्व में 196.25 बीघा था कैचमेंट एरिया मौजूदा समय में रह गया 145बीघा

भास्करन्यूज | जालोर

शहरके ऐतिहासिक सुंदेलाव तालाब का क्षेत्रफल घटने के साथ इसके चारों ओर कचरे के ढेर लगे हैं,वहीं तालाब के पानी की बात करें तो वह छिछला होने के साथ सडांध मार रहा हैं। तालाब की सफाई सौंदर्यीकरण को लेकर प्रशासन नगरपरिषद की ओर से योजनाएं भी बनाई गई मगर एक साल से उपर गुजर जाने के बावजूद प्रशासन नगर परिषद की ओर से फॉलोअप नहीं किया गया। वहीं जनप्रतिनिधि भी इस प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दिए, जिससे तालाब आज दिन तक उपेक्षित पड़ा हैं। इतना ही नहीं वर्ष भर में विभिन्न धार्मिक आयोजनों के दौरान शहरवासी तालाब के जल की पूजा करते हैं,वो भी हालात से समझौता कर आयोजन के बाद तालाब की ओर मुड़कर देखते तक नहीं। तालाब की सफाई को लेकर शहरवासियों स्वंयसेवी संस्थाओं के साथ जालोर के युवाओं को सफाई की मुहिम छेड़कर सफाई के प्रयास करने होंगे। वहीं नगरपरिषद के पार्षद के साथ विधायक प्रशासनिक अधिकारियों को भी गंभीरता के साथ इस विषय पर सोचने के साथ इसपर सकारात्मक कार्रवाई करनी होगी।

पानी की 3 लाख लीटर संग्रहण की क्षमता

बरसातीपानी से तालाब के जल संग्रहण की लगभग तीन लाख लीटर पानी की क्षमता है। जालोर शहर के आसपास करीब सौ मील तक इतना बड़ा तालाब कहीं भी नहीं हैं। प्रशासन जनप्रतिनिधियों के साथ अगर आमजन इसको सहेजने में रुचि दिखाए तो गर्मियों में पानी की किल्लत के दौरान तालाब का पानी जालोरवासियों को राहत दे सकता हैं।

चौड़ाईबढ़ाने के साथ करना होगा डायवर्ट

तालाबके पाल की घटती चौड़ाई को बढ़ाने के साथ बरसाती नाले को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ कैचमेंट एरिया में उगी झाडिय़ों को हटाने के साथ शहर में बहने वाले बरसाती पानी का डायवर्सन तालाब की ओर करना होगा।

जालोर. अनदेखी के अभाव में सिमटता जा रहा है तालाब का कैचमेंट एरिया।