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जवाई पुनर्भरण को लेकर कमेटी का गठन

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज | गुडा बालोतान

जालोर,पाली तथा सिरोही जिले की महत्वाकांक्षी जवाईबांध पुनर्भरण योजना को क्रियान्वित करने को लेकर मुख्यमंत्री राजे द्वारा विधानसभा सत्र में की गई घोषणा के अनुसार हाईपॉवर पुनर्भरण कमेटी का गठन किया गया है। नवगठित कमेटी की पहली बैठक 26 सितंबर शुक्रवार सवेरे 11 बजे जवाईबांध के रेस्टहाउस में रखी गई है। कमेटी के सदस्यों की ओर से जवाईबांध के पुनर्भरण के विकल्पों की तलाश कर चार माह में राज्य सरकार को रिर्पोट सौंपी जाएगी। जवाईबांध में करीब 4 हजार एमसीएफटी. पानी लाना प्रस्तावित है। जवाईबांध तक पानी किन स्रोतों से पहुंच सकता है। शेष|पेज13



इसकेलिए नवगठित आठ सदस्यों की कमेटी 26 सितंबर से कार्य शुरू कर देगी। अगर कमेटी की ओर से प्रस्तुत प्रोजेक्ट पर विचार क्रियान्वित होता है तो इसके लिए अनुमानित करीब 5 हजार करोड़ की लागत आएगी। वैसे मुख्यमंत्री राजे ने विधान सभा सत्र में घोषणा कर बताया था कि पुनर्भरण के प्रोजेक्ट के लिए बजट रोड़ा नहीं बनेगा।

जवाईबांधका पुनर्भरण होता है तो बदलेगी किसानों की तकदीर : नवगठितकमेटी के नवनियुक्त सदस्य ईश्वरसिंह थुंबा ने बताया कि जालोर, सिरोही तथा पाली क्षेत्र के लिए सबसे बड़े जवाईबांध पर कृषि निर्भरता के साथ पेयजल व्यवस्था का दबाव दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। विशेषकर जालोर जिले के कई क्षेत्रों में न्यून छितराई हुई बारिश के कारण प्रतिवर्ष पेयजल की किल्लत होती जा रही है। न्यून छितराई बारिश से जवाईबांध में भी पानी की आवक आवश्यकता अनुसार नहीं हो पा रही है। प्रतिवर्ष की बारिश से भराव होने पर इस पानी पेयजल के लिए सुरक्षित रखा जा रहा है। ऐसे में जालोर जिले में कृषि भूमि की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पाता तथा बांध में पानी की आवक कम रहने से जवाई नदी में भी जलप्रवाह नहीं होता इससे जालोर जिले में नदी के किनारे बसे गांवों के जलस्रोत खाली ही रह जाते है। जवाईबांध का पुनर्भरण होता है तो जवाई नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा का निर्धारण हो सकेगा। अगर जवाई नदी में पानी की आवक होती है तो निश्चित ही जवाई नदी किनारों के जलस्रोतों के भूजल में बढ़ोत्तरी होगी और क्षेत्र पुन: हरा भरा हो सकेगा।

जनप्रतिनिधियोंको करनी होगी पहल : किसानोंकी ओर से जालोर, पाली सिरोही जिले को हरा भरा बनाने के लिए जवाईबांध के पुनर्भरण को लेकर पिछले कई