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पेज 13 के शेष...

5 वर्ष पहले
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जिसकासदन में उपस्थित सभी सदस्यों ने समर्थन किया। उपसभापति सोलंकी ने परिषद की आय के स्रोत बढ़ाने के लिए नगरीय विकास कर में बढ़ोतरी करने की सिफारिश की। पार्षद गौतम बोहरा ने सांसद कोटे से घोषित छोटी दमकल की गाड़ी के लिए भी सांसद से बात करने को कहा। पार्षद हंसमुख नागर ने परिषद की आय बढ़ाने के लिए अतिक्रमण की भूमि को मुक्त करवाने तथा परिषद की खाली पड़ी जमीनों को नीलाम करने का सुझाव दिया।

बजटकागजी पुलिंदा, हकीकत में करें प्रयास : पार्षदगौतम बोहरा ने कहा कि बजट केवल कागजी पुलिंदा है, इन्हें हकीकत में उतारने की जरूरत हैं। मगर इसको लेकर परिषद के अधिकारियों की ओर से हकीकत में प्रयास ही नहीं किए जा रहे हैं।

किसानोंका पैदल...

अलावाचांदराई आरआई सर्कल के चांदराई, उखरड़ा, पादरली, कवराड़ा, थुंबा, नारवणा, मानपुरा, रोड़ला, गुड़ा इंद्रपुरा इन 22 गांवों के रकबों को सिंचित करने के लिए जवाई नहर से पिछले तीन माह के दौरान तीन पाण का पानी दिया था। चौथी पाण का पानी अभी चल ही रहा था कि जवाई बांध में सिंचाई के पानी का स्टोरेज खत्म होने के साथ ही नहरों को पानी देना बंद कर दिया। आहोर तहसील के इन 22 गांवों के जवाई कमांड क्षेत्र का कुल रकबा 9746.83 हैक्टेयर यानि 24367.07 एकड़ है। जिसमें से करीब चार हजार हैक्टेयर में गेहूं की फसल, तीन हजार हैक्टेयर में रायड़ा एवं इसके अलावा देशी जीरा, ईसबगोल चने की फसल खड़ी है। इन रबी फसलों में रायड़ा चने की फसल को छोड़कर गेहूं , जीरा ईसबगोल की फसल को अंतिम पाण का पानी मिलना जरूरी है। ऐसे में चौथी पाण का पानी नहीं मिलता है तो किसानोंं की पिछली तीन महिनों की मेहनत जल सकती हैं।

किसानोंने सुमेरपुर से जवाई बांध के लिए किया पैदल कूच : जवाईबांध से नहरी सिंचाई के लिए दी जा रही अंतिम चौथी पाण का पानी रविवार रात को अचानक बंद करने पर सोमवार सवेरे जालोर पाली जिले के जवाई कमांड क्षेत्र के हजारों किसान सुमेरपुर उपखंड मुख्यालय पर जमा हो गए। यहां से किसान संघर्ष समिति, किसान संघ नहरी संगम अध्यक्षों के नेतृत्व में सुमेरपुर एसडीएम से वार्ता कर समाधान करवाने का निर्णय लिया गया। मगर सुमेरपुर प्रशासन के साथ जवाई नहर खंड के अधिकारियों ने सिंचाई का पानी देने के मामले में पूरी तरह से हाथ खड़े कर दिए। इसपर गुस्साए जवाई कमांड के हजारों किसान धरना प्रदर्शन पर उतारु होने के साथ सुमेरपुर कृषि मंडी में जाकर धरने पर बैठ गए। जहां मंगलवार शाम तक समस्या का समाधान होने का इंतजार किया। समाधान नहीं होते देख करीब सात आठ हजार किसान सुमेरपुर से जवाई बांध के लिए पैदल कूच किया। किसानो ने बताया कि सुमेरपुर से जवाई बांध तक के पैदल मार्च में ज्यादा समय लगा तो जहां अंधेरा होगा वहीं बीच रास्ते में सभी किसान डेरा डाल देंगे।

गमगीनमाहौल में...

परिवारकी आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब है सबसे छोटी बच्ची तो केवल डेढ़ साल की ही है तो खेपडी के परिवार मे पति हंसाराम हीरागर दिहाड़ी मजदूरी करता है और तीन बच्चियों एक बच्चे में सबसे बड़ी बच्ची 15 वर्ष की है तथा एक बच्चा डेढ़ से दो वर्ष का हैं। शारदा के पति रमेश कुमार देसावर में नौकरी करता है जिसके दो बच्चे एवं दो बच्चियां है सबसे बड़ी लड़की 17 वर्ष की है। ऐसे में तीनों ही परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जैसे तैसे करके परिवार का पालन-पोषण करते है। शव यात्रा में प्रतापसिंह, युवा कांग्रेस के लोकसभा अध्यक्ष ऊमसिंह चांदराई, कंवला सरपंच गोपाराम, पांचोटा के पूर्व सरपंच आदाराम प्रजापत, जब्बरसिंह, थानेदार शंभुसिंह था हकमाराम माली सहित गांव के गणमान्य लोग शामिल थे।

दमघुटने से हुई थी मौत : तीनोंमहिलाओं के शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद डॉक्टर पुरणमल मुणोत ने बताया कि कन्या कंवर एवं खेपडी की तो दम घुटने के कारण मौत हुई है जबकि शारदा देवी की सिर में चोट लगने से मौत हुई है

टमाटरके भाव...

किसानोंका कहना है कि इतनी पैदावार होने के बावजूद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों प्रशासन की ओर से कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए प्रयास नहीं करना किसानों का दुर्भाग्य हैं। हालात यह है कि टमाटर के दाम सात आठ रुपए किलो से घट कर तीन से चार रुपए प्रतिकिलो हो गए हैं। कम भावों पर भी खरीदार आनाकानी कर रहे हैं। वहीं हलकी क्वालिटी के टमाटर को तो खरीदार किसी कीमत पर खरीदने को तैयार नहीं हैं। जिससे ऐसे टमाटर को किसान सड़क पर डाल रहे हैं। सड़कों पर पड़े टमाटरों को पशु भी खा-खा कर ऊब चुके हैं। कस्बे समेत वगतापुरा, रामपुरा, अमरापुरा तथा जेतपुरा सहित आसपास के गांवों के किसान टमाटर की ट्रोलीयां भरकर शाम होते ही गांव में अन्य प्रदेश से आए व्यापारियों के टेंट पर पहुंच जाते हैं। जहां बाहर के व्यापारी टमाटर की क्वालिटी देखकर भाव दे रहे हैं। वहीं कमजोर क्वालिटी वाले टमाटर को खरीदना तो दूर देखते ही लेने से मना कर देते हैं। जिससे किसान उन टमाटरों को सड़क किनारे डाल रहे हैं। बंपर आवक के चलते टमाटर के भाव तीन से चार रुपए किलो के हिसाब से दाम मिल रहे हैं जिससे मजबूरन किसानों को घाटा खाकर माल बेचना पड़ रहा हैं। किसानों ने बताया कि एक ट्रैक्टर ट्रॉली में करीब २० क्विंटल टमाटर आते हैं जिसके लिए पांच हजार से आठ हजार रुपए तक मिल रहे हैं। इन दिनों बाजार में रोजाना करीब बीस पच्चीस ट्रॉली टमाटर बिकने रहे हैं। इनमें से हलकी क्वालिटी के टमाटर की करीब चार से पांच ट्रॉली के खरीदार नहीं मिलने से ऐसे टमाटर को सड़क पर फें कना पड़ रहा हैं। किसान बताते है कि एक ट्रॉली टमाटर खेत से निकालने की मजदूरी करीब १५ सौ रुपए पड़ती है, ट्रैक्टर का डीजल का खर्च अलग से है।

कोल्डस्टोरेज नहीं : जालोरजिले में कोल्ड स्टोरेज नहीं होने से भी किसानों को अपनी उपज को स्टोरेज नहीं कर पाने से नुकसान उठाना पड़ रहा है। कोल्ड स्टोरेज होता तो किसान अपना माल वहां रख कर डिमांड के अनुसार माल बेचने की सुविधा मिल सकती हैं।

एग्रोफूडपार्क बनें तो खुले इंडस्ट्रीज का रास्ता : क्षेत्रमें प्रस्तावित एग्रो फूड पार्क बन जाए तो टमाटर अन्य सब्जियों की बंपर उपज के चलते किसानों को अच्छे दाम मिलने की उम्मीद बंधती हैं। वहीं फूड ब्रेवरीज को लेकर इंडस्ट्रीज खुलने के चांसेज बनने के साथ क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद प्रबल होती हैं।े

संतोंने एक...

सम्मेलनमें प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर, एसडीएम, विधायक, सरपंच तथा मुख्यमंत्री को देने वाले ज्ञापन पत्र तैयार कर सभी जिलों के पदाधिकारियों को ज्ञापन की कॉपी दी। इस मौके राजस्थान के 33 जिला समितियों का गठन भी किया गया। इस मौके रघुनाथभारती महाराज सिणधरी, गोपेश महाराज जडखेर भरतपुर, रघुवीरदास महाराज बीकानेर, सूरजदास महाराज पाली,आलोक सिंहल बाड़मेर, रघुवरदास महाराज मेवाड़,पथमेड़ा के गोविंदवल्लभ दास महाराज तथा सुमन सुलभ महाराज उपस्थित थे।

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