• Hindi News
  • National
  • मुख्यमंत्री नोटबंदी पर 40 दिन में एक शब्द भी नहीं बोली : समरजीत

मुख्यमंत्री नोटबंदी पर 40 दिन में एक शब्द भी नहीं बोली : समरजीत

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जिलाकांग्रेस कमेटी की ओर से भाजपा सरकार की तीन साल की विफलताओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए मंगलवार को जिला स्तरीय प्रदर्शन का आयोजन किया। इस दौरान वक्ताओं ने सरकार की विफलताएं गिनाते हुए हर मोर्चें पर सरकार को विफल बताया। कलेक्ट्रेट के सामने आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. समरजीतसिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले जनता से नोटबंदी के लिए 50 दिन मांगे, अब कह रहे हैं कि धीरे-धीरे इस समस्या का समाधान होगा। एक ओर नोटबंदी पर पीएम रोजाना तुगलकी फरमान जारी कर रहे हैं, वहीं रोजाना लाइन में लगकर परेशान हो रहे आमजन के लिए 40 दिनों से मुख्यमंत्री एक शब्द भी नहीं बोल रही है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि हमारे कार्यकाल में बनी सड़कों का फीता काटकर अब शिलान्यास कर रहे हैं, क्योंकि उनके पास बिना काम के खुद की तारीफों के अलावा कोई काम नहीं है। जिलाध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि नोटबंदी के नाम पर विदेशों से काला धन वापस लाने का दावा करने वाले पीएम ने महिलाओं बुजुर्गों के लिए बुरे समय के लिए एकत्रित किया गया धन जरूर बाहर निकलवा दिया।



पीएम कहते हैं कि काला धन वाले भ्रष्टाचारी लोग जमा करवाने के लिए लाइन में दिखेंगे, लेकिन लाइन में तो आमजन परेशान हो रहे हैं। शेष| पेज 13



उन्होंनेदावा जताते हुए कहा कि जनता में आक्रोश है और खुद के पैसे ही काम में नहीं ले पाने से परेशान जनता आगामी चुनावों में तख्ता पलट कर देगी। सभा स्थल पर सरकार की नाकामियां गिनाने वाले बैनर भी लगाए गए।

सरकारके विरोध में नारेबाजी कर निकाला जुलूस : इससेपूर्व राजीव गांधी में जिलेभर से कांग्रेसी एकत्रित हुए जहां से वो जुलूस के रूप में रवाना हुए। राजीव गांधी भवन से रवाना होकर सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए कांग्रेसी हॉस्पिटल चौराहा, हरिदेव जोशी सर्किल, वन-वे होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां आयोजित सभा में वक्ताओं ने सरकार की कमियां विफलताएं गिनाईं।

येरहे उपस्थित : जिलाकांग्रेस कमेटी के जिला स्तरीय धरना प्रदर्शन में पूर्व सांसद पारसाराम मेघवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष नेनसिंह पुरोहित, संध्या चौधरी, सवाराम पटेल, ऊमसिंह चांदराई, आमसिंह परिहार, लीला राजपुरोहित, सोहनसिंह देवड़ा, योगेंद्रसिंह कुंपावत, डॉ. शमशेर अली, जयंतीलाल विश्रोई, मंजू मेघवाल, वाघाराम मेघवाल, तखतसिंह पहाड़पुरा, शहजाद अली, पुखराज माली, विनय व्यास, शिवनारायण विश्रोई मोतीसिंह निंबलाना सहित जिले भर से आए पार्टी पदाधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

^भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई। अजमेर में विमंदित बच्चों की मौत हिंडोनिया गोशाला में पशुओं की मौत पर भी राजनीति करने वाली सरकार है। अधिकांश विभागों में कार्मिकों के पद खाली होने के कारण काम नहीं होने से जनता परेशान हो रही है। -ममता जैन, जिलाध्यक्ष,कांग्रेस महिला कमेटी

^नसबंदीऔर नोटबंदी में कोई अंतर नहीं है। 1975 में कांग्रेस ने नसबंदी अभियान चलाया था और 1977 में पार्टी को सारी सीटें गंवानी पड़ी थी। अब 2018 के चुनाव में यही हाल बीजेपी का होने वाला है। -रामलाल मेघवाल, पूर्व विधायक

^अधिकांशसरकारी विभाग ठेके पर चल रहे हैं, तो भ्रष्टाचार चरम पर है। रही सही कसर प्रधानमंत्री मोदी ने पूरी कर दी। वो तो देश चलाने लायक है और ही उनमें योग्यता है। -जगदीश चौधरी, प्रदेश सचिव

^यहऐसी पहली सरकार है जहां विधायक जनता की, मंत्री विधायक की, मुख्यमंत्री मंत्री की और प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री की बात नहीं सुनता। जनता के साथ-साथ खुद सरकार के प्रतिनिधि भी विकास कार्य नहीं होने से परेशान होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। -पुखराज पाराशर, प्रदेश महासचिव

^जनतानोटबंदी से परेशान है और सरकार के मंत्री शादियों पर करोड़ों खर्च कर रहे हैं। जनकल्याणकारी योजनाएं बंद कर दी, महंगाई भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। गूंगी और बहरी सरकार तो काम करती है और ही किसी की सुनती है। पता नहीं किन उपलब्धियों को लेकर सरकार जश्न मना रही है।- सोमेंद्रगुर्जर, प्रदेश सचिव

^जनताने बदलाव की उम्मीद के साथ पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा को जितवाया था, मगर अब जनप्रतिनिधि विकास को लेकर मुख्यमंत्री के सामने बोलने से भी डरते हैं। चार दिन दिल्ली में रहने के बाद खुद मुख्यमंत्री से पीएम नहीं मिलते। अब तक जिले के कई क्षेत्रों में नर्मदा का पानी नहीं पहुंच पाया है। -रतन देवासी, पूर्व उपमुख्य सचेतक

^सरकारने हमारे तीन साल खराब कर दिए। मुख्यमंत्री खुद काला धन सफेद करने में लगी हुई है तो नोटबंदी पर क्या बोलेंगी। सरकार रोजाना नए तुगलकी फरमान जारी कर रही है जिसका जवाब परेशान जनता उन्हें आगामी चुनावों में देगी। -सुखराम विश्रोई, विधायक

^भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई। अजमेर में विमंदित बच्चों की मौत हिंडोनिया गोशाला में पशुओं की मौत पर भी राजनीति करने वाली सरकार है। अधिकांश विभागों में कार्मिकों के पद खाली होने के कारण काम नहीं होने से जनता परेशान हो रही है। -ममता जैन, जिलाध्यक्ष,कांग्रेस महिला कमेटी

^नसबंदीऔर नोटबंदी में कोई अंतर नहीं है। 1975 में कांग्रेस ने नसबंदी अभियान चलाया था और 1977 में पार्टी को सारी सीटें गंवानी पड़ी थी। अब 2018 के चुनाव में यही हाल बीजेपी का होने वाला है। -रामलाल मेघवाल, पूर्व विधायक

^अधिकांशसरकारी विभाग ठेके पर चल रहे हैं, तो भ्रष्टाचार चरम पर है। रही सही कसर प्रधानमंत्री मोदी ने पूरी कर दी। वो तो देश चलाने लायक है और ही उनमें योग्यता है। -जगदीश चौधरी, प्रदेश सचिव

^यहऐसी पहली सरकार है जहां विधायक जनता की, मंत्री विधायक की, मुख्यमंत्री मंत्री की और प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री की बात नहीं सुनता। जनता के साथ-साथ खुद सरकार के प्रतिनिधि भी विकास कार्य नहीं होने से परेशान होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। -पुखराज पाराशर, प्रदेश महासचिव

^जनतानोटबंदी से परेशान है और सरकार के मंत्री शादियों पर करोड़ों खर्च कर रहे हैं। जनकल्याणकारी योजनाएं बंद कर दी, महंगाई भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। गूंगी और बहरी सरकार तो काम करती है और ही किसी की सुनती है। पता नहीं किन उपलब्धियों को लेकर सरकार जश्न मना रही है।- सोमेंद्रगुर्जर, प्रदेश सचिव

^जनताने बदलाव की उम्मीद के साथ पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा को जितवाया था, मगर अब जनप्रतिनिधि विकास को लेकर मुख्यमंत्री के सामने बोलने से भी डरते हैं। चार दिन दिल्ली में रहने के बाद खुद मुख्यमंत्री से पीएम नहीं मिलते। अब तक जिले के कई क्षेत्रों में नर्मदा का पानी नहीं पहुंच पाया है। -रतन देवासी, पूर्व उपमुख्य सचेतक

^सरकारने हमारे तीन साल खराब कर दिए। मुख्यमंत्री खुद काला धन सफेद करने में लगी हुई है तो नोटबंदी पर क्या बोलेंगी। सरकार रोजाना नए तुगलकी फरमान जारी कर रही है जिसका जवाब परेशान जनता उन्हें आगामी चुनावों में देगी। -सुखराम विश्रोई, विधायक

जालोर. कांग्रेसियों की ओर से शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकाला गया जुलूस।

खबरें और भी हैं...