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क्षतिग्रस्त 57 स्कूल भवनों में पढ़ रहे बच्चे, मरम्मत के लिए शिक्षा विभाग कर रहा भामाशाहों का इंतजार

4 वर्ष पहले
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माध्यमिक सेटअप में 27 स्कूलों में 104 कक्ष जर्जर, विभाग की ओर से कक्ष गिराने को लेकर समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित, सायला ब्लॉक के पांथेड़ी में जर्जरहाल भवन को गिराने का काम भी स्वीकृत

भास्करन्यूज | जालोर

जिलेकी 57 स्कूल ऐसी हैं, जिनमें बैठकर पढ़ाई करना विद्यार्थियों के लिए खतरे से खाली नहीं है। अधिकारियों की अनदेखी के कारण ये स्कूल कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है। रमसा एसएसए के तहत हर वर्ष विभाग में करोड़ों रुपए का बजट आता है, लेकिन जिले में स्कूलों की हालत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग स्वयं मान रहा है कि जिले में 57 स्कूल ऐसी हैं, जो जर्जर घोषित की जा चुकी है। जिनमें मजबूरी में विद्यार्थियों को बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है।

विभाग ने कुछ कमरे बंद कर दिए हैं तो कइयों में बच्चों को बाहर बिठाकर पढ़ाया जा रहा है, लेकिन इस प्रकार के ये कक्ष कभी भी घातक साबित हो सकते हैं। इधर, शिक्षा विभाग दलील दे रहा है कि विभाग के पास बजट नहीं है। ऐसे में भामाशाह सहयोग करेंगे तो विचार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष आहोर क्षेत्र में एक स्कूल के कमरे की छत गिर गई थी, गनीमत रही कि ये छत रात को गिरी। जिस कारण बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

प्रस्तावबनाकर भेजा और भूल गए : जिलेकी अधिकांश सरकारी स्कूलों में कक्षा कक्ष जर्जरहाल है, जिनसे वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों विद्यार्थियों को हरदम हादसे की आशंका रहती है। शिक्षा विभाग की ओर से जिले में प्रारंभिक सेटअप की 30 स्कूलों में 63 कक्ष तथा माध्यमिक सेटअप की 27 स्कूलों में 104 कक्ष जर्जरहाल चिह्नित किए गए हैं। साथ ही जिला स्तरीय निष्पादक समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित कर इन कक्षों को गिराने के लिए स्वीकृति भी जारी कर दी गई है। वहीं माध्यमिक सेटअप की स्कूलों में कक्षा कक्ष की मरम्मत के लिए करीब 70 लाख रुपए का प्रस्ताव बनाकर भी भेजा गया है। अब जनप्रतिनिधियों भामाशाहों के सहयोग तथा सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत प्रेरित कर नवीन कक्षा कक्षों का निर्माण करवाया जाएगा।

कमरों की कमी के कारण जर्जर कक्षा-कक्षाओं में अध्ययन

सायला|समीपवर्तीखेतलावास ग्राम पंचायत मुख्यालय पर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थी जर्जर हालात में कमरों में पड़ने को मजबूर हैं। विद्यालय में कुल 8 कमरे हैं, जबकि 12वी कक्षा तक विद्यालय का संचालन होता हैं। विद्यालय का भवन काफी पुराना हैं। जिस कारण 5 कमरे पूर्ण रूप से जर्जर हैं। विद्यालय में कमरों के अभाव में विद्यार्थी जर्जर कमरो में पढ़ने को मजबूर हैं। जर्जर कमरों से हर समय हादसे की आशंका भी बनी रहती हैं। वही बारिश के मौसम में जर्जर कमरों से पानी टपकना शुरू हो जाता हैं। जिस कारण पढ़ाई भी बाधित हो रही हैं। साथ ही कमरों की कमी से कक्षा 1 से 5 तक को साथ बैठकर अध्ययन करना पड़ता।

^विद्यालयमें कमरों की मरम्मत नवीन निर्माण के लिए रमसा को प्रस्ताव भेजा हुआ हैं। कमरों की कमी होने से जर्जर कमरों में ही अध्ययन करवाया जाता हैं। -लुंबाराम चौधरी, कार्यवाहक प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खेतलावास

माध्यमिक सेटअप के 104 कक्ष जर्जरहाल

इसीप्रकार माध्यमिक सेटअप के तहत आहोर ब्लॉक में राउमावि गुडा बालोतान में 4 कक्ष, राउमावि भोरड़ा में 1, राउमावि भूति में 4, रामावि बरवा में 4, रामावि डोडियाली में 4, राउमावि हनुमानशाला आहोर में 8 राउमावि चरली में 3, जालोर ब्लॉक में राउमावि नून में 2, राउमावि आकोली में 4, आरामावि चूरा में 4 रामावि बाकरा रोड में 4, सायला ब्लॉक में रामावि बिशनगढ़ में 4, आरामावि मूडी में 4, राउमावि बैरठ में 4 राउमावि उनड़ी में 6, सांचौर ब्लॉक में आराउमावि सांकड़ में 4 राउमावि चौरा में 4, जसवंतपुरा ब्लॉक में राउमावि मुडतरासिली में 4, आराउमावि कलापुरा में 2, आराउमावि बूगांव में 4 आराउमावि रामसीन में 4, भीनमाल ब्लॉक में राउमावि राह में 4, आराउमावि मेडा में 2 आदर्श रामावि मेडा ब्राह्मणान में 4 कक्ष तथा चितलवाना ब्लॉक में आराउमावि झाब में 4, राउमावि मालवाड़ा एस में 4 तथा आरासंउमावि सिवाड़ा में 2 कक्ष जर्जरहाल है।

प्रारंभिक सेटअप की इन स्कूलों के भवन जर्जर

विभागीयजानकारी के अनुसार सांचौर ब्लॉक में यूपीएस डागरा में 4 कक्ष, पीएस हुकमा की ढाणी सरनाऊ में 2, यूपीएस भुवाना में 2, पीएस चौरा की ढाणी चौरा में 2 तथा यूपीएस अगार में 4, चितलवाना ब्लॉक में यूपीएस तातड़ा में 2 कक्ष, यूपीएस चिमड़ावास में 5, पीएस कपासियों की ढाणी रणोदर में 1, यूपीएस तैतरोल में 2 तथा यूपीएस मूली में 3 कक्ष, रानीवाड़ा ब्लॉक में यूपीएस भांवरिया में 2 कक्ष, यूपीएस चारा में 1, यूपीएस मैत्रीवाड़ा में 3, यूपीएस पाल में 3, पीएस साडोलीनाडी सामराजी में 1 तथा यूपीएस हीरपुरा में 1 कक्ष, आहोर ब्लॉक में यूपीएस सराणा में 2 कक्ष, यूपीएस वारणी में 2 तथा यूपीएस बागुना में 2 कक्ष, भीनमाल ब्लॉक में पीएस सूरता की ढाणी भीनमाल में 2, पीएस सोनगरा में 2, पीएस चारणिया पूनासा में 2, पीएस समरसिंह की ढाणी नरसाणा में 1 तथा पीएस विश्रोईयों की ढाणी डूंगरवा में 2 कक्ष तथा सायला ब्लॉक में यूपीएस बागोड़ा में 1 कक्ष, यूपीएस वीराणा में 2, यूपीएस बालिका बाकरागांव में 2, यूपीएस तड़वा में 2 तथा यूपीएस खेड़ा विराणा में 2 कक्ष जर्जरहाल है।

सर्वशिक्षामें बजट का अभाव

^जनहानिकी आशंका को देखते हुए जर्जरहाल कक्षा कक्षों को गिराने के लिए जिला स्तरीय निष्पादक समिति की बैठक में स्वीकृति जारी कर दी गई है। वहीं नये कक्ष निर्माण के लिए पंचायती योजनाओं के साथ जनप्रतिनिधियों भामाशाहों का सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए विभागीय संस्थान स्तर पर भी प्रेरित करने का काम किया जाएगा। -नवीनमाथुर, एईएन, एसएसए, जालोर

6 जर्जरहाल कक्षा कक्ष गिराएंगे, प्रस्ताव बनाकर भेजा है

^आराउमावितालियाना में 2 कक्षा कक्ष, आराउमािव आकोली में 2, आराउमावि भरुड़ी में 1 तथा आराउमावि मांडोली नगर में 1 कक्षा कक्ष को गिराने का प्रस्ताव लिया गया है। साथ ही 27 स्कूलों में 104 कक्षा कक्षों की मरम्मत के लिए 70.72 लाख रुपए का प्रस्ताव बनाकर भिजवा दिया गया है। बजट स्वीकृत होते ही इन कक्षा कक्षों की मरम्मत का काम शुरु करवा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा संस्था प्रधान भी विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत भामाशाहों को इस काम के लिए प्रेरित करेंगे। -प्रकाशचंद्र चौधरी, एडीपीसी रमसा, जालोर

सायला के निकट खेतलावास में राउमावि में जर्जर कक्षाकक्ष।

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