त्रुटियों का बन रहा डाटा बेस
मुख्यमंत्रीवसुंधरा राजे के ड्रीम प्रोजेक्ट भामाशाह योजना को लेकर लगाए जा रहे शिविर में रजिस्ट्रेशन में ही गलतियां हो रही हैं। अफसरों कर्मचारियों की यह लापरवाही आगे जाकर जनता के लिए परेशानी खड़ी करेगी। खाद्य सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का वेरिफिकेशन के साथ ही त्रुटिपूर्ण राशन कार्ड में सुधार के काम भी होने हैं लेकिन कई क्षेत्रों में ये काम नहीं हो पा रहे हैं।
शिविरों में उमड़ रही भीड़ का तय समय में पंजीयन कर काम करने में बड़ी खामियां सामने रही हैं। पंचायत समिति में चल रहे शिविरों में आमजन के लिए परेशानियां हो रही है। लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और पंजीयन में खामियां भी रह रही हैं। ऐसे में शिविर महज भामाशाह, आधार पंजीयन और बैंक खाता खोलने तक ही सीमित हो गए हैं। पिछले साल खाद्य सुरक्षा में आनन-फानन में जोड़े गए अपात्र लोगों के नाम भी नहीं हट पा रहे हैं। ग्राम सेवकों ने ये काम करने से पहले ही इनकार कर दिया था।
पंजीयन का महत्व
योजनामें परिवार और व्यक्ति का पहचान कार्ड बनाने के लिए पंजीयन हो रहा है। इसे बैंक खाते से जोड़ा जाएगा। सरकार से मिलने वाली सब्सिडी,पेंशन,छात्रवृत्ति आदि तरह के लाभ सीधे खाते में जमा होंगे। सरकार के पास हर परिवार का डेटा बेस तैयार होगा।
यूंपड़ेगा असर
व्यक्तिके नाम, जन्म तारीख, बैंक खाता नंबर गलत दर्ज होने पर उसे भविष्य में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ मिलने में परेशानी आएगी। इससे पेंशन लाभ लेने में दिक्कतें आएंगी। वहीं भामाशाह का डाटा भविष्य की योजनाओं में उपयोग लेना है लेकिन डाटा ही गलत दर्ज हो रहा है जिससे आगामी योजनाओं की तैयारी पर असर आएगा। साथ ही नाम उम्र आदि जानकारी गलत छपी होगी तो भामाशाह कार्ड आईडी प्रूफ के तौर पर काम लेने में दिक्कतें आएगी।
^बड़ा प्रोजेक्ट है तो पंजीयन में गलतियां हो रही हैं। कुछ गलतियां लोगों द्वारा आवेदन में की जा रही है वहीं कुछ गलतियां जल्दबाजी में हो रही है। परेशानी प्रदेशभर में सामने रही है। चैकिंग के लिए सूचना सहायक लगाए हैं। फिर भी गलतियां रहने पर बाद में सुधारने की व्यवस्था कराएंगे। -भवानीसिंहदेथा, जिलाकलेक्टर