- Hindi News
- आस्था का प्रमुख केन्द्र बना कालिंजर माता धाम
आस्था का प्रमुख केन्द्र बना कालिंजर माता धाम
जवाजा|अरावली पर्वतमालाओंके सबसे ऊंचा पहाड़ हाथीगीरी की चोटी पर स्थित प्राचीन श्री कालिंजर माता रानी के धाम पर शारदीय नवरात्रा में रात-दिन श्रद्धालुओं की रेलमपेल लगी है। मगरा क्षैत्र में कालिंजर माता धाम आस्था का प्रमुख केन्द्र बन चुका है। माता के नवरात्र पंडाल में रोजाना सतरंगी रोशनी में डांडियों की खनक पर नृत्य करते भक्तों को देखने के लिए देर रात तक भक्तों की भीड़ जुटी रहती है।
आज भी उत्तरती है पात्ती-कलंक जड़ देने वाली मां कालिंजर के दरबार में प्राचीन समय से मनोकामनापूर्ण होने का संकेत देने वाली पात्ती की परंपरा अनवरत चलने से भक्तों में माता के प्रति गहरी आस्था है। धरातल से करीब दो किलोमीटर की ऊंचाई पर पहाड़ की चोट पर कालिंजर माता का पवित्र स्थान है। माता की सीढियों की चढा़ई के सामने ही कलांजरेश्वर महादेव का मंदिर विशालकाय चट्टानों से निर्मित ऐतिहासिक प्राचीन तालाब तालाब की पाल भक्तों के लिए किसी पयर्टक स्थल से कम नही है। वहीं कालिंजर माता दरबार से आधा किलोमीटर की दूरी पर पहाड़ की गहराई में स्थित प्राचीन गुफा और हाथीगीरी बाबा की चमत्कारीक धूणी का सौंदर्य भक्तों के लिए आकर्षण का केन्द्र है।