सोशल मीडिया पर जमने लगी चुनावी चौपड़
जवाजा|निकाय चुनावसंपन्न होने के बाद से ही अब ग्रामीण इलाकों और सोशल मीडिया पर आगामी पंचायतीराज चुनाव 2015 की चर्चाएं गर्माने लगी है। पंचायत राज चुनावों की तारीख की आधिकारिक घोषणा भले ही नहीं हुई हो लेकिन ग्रामीण इलाकों में भी युवाओं के फेसबुक, वॉट्सएप के साथ.साथ गांव की चौपालों पर इसी की चर्चाएं चल रही हैं।
इस बार सरकार द्वारा विभिन्न पंचायतों के पुनर्गठन कई करके नई पंचायत समितियां बनाई गई है। इसी को लेकर गांवों में स्थानीय सरकार के बनाने की कवायद चर्चाओं में है। इतना ही नहींए अलग.अलग गांवों में सरपंच बनने के इच्छुक लोग अभी से अपनी दावेदारी दर्शाते हुए अपने क्षेत्र में सक्रिय हो चुके हैं। वहीं दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता की सक्रियता भी ग्रामीण इलाकों की ओर बढ़ने लगी है और स्थानीय दावेदार टिकट के जुगाड़ में जुटने लगे हैं। गौरतलब है कि पिछली बार 2010 में जनवरी माह में ही पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव करवा दिए थे। इस बार विभिन्न ग्राम पंचायतों पंचायत समितियों के पुनर्गठन के कारण अभी तक सरकार पंचायतीराज चुनावों की तिथियों की घोषणा नहीं कर सकी है।
कौनहोगा सरपंच: सोशलमीडिया पर इन दिनों पंचायतीराज चुनावों को लेकर चल रही चर्चाओं में यह भी सामने रहा है कि किस क्षेत्र के कौनसी पंचायत का सरपंच कौन होगा। इतना ही नहींए सरपंच के साथण्साथ प्रधान अन्य पदों पर भी लोग चर्चा कर रहे हैं। इन मुद्दों पर ग्रामीण इलाकों के स्थानीय नेता और युवा वर्ग अच्छी खासी भूमिका निभा रहे हैं। कोई ऐसे कमेंट कर रहे हैं तो कई इन्हें लाइक कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशियल मीडिया के माध्यम से निर्वाचन आयोग द्वारा संभावित पंचायतीराजसंस्थाओं के चुनाव कार्यक्रम को भी भेजा जा रहा है।