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फौजी कुंदनमल को तीन साल के बेटे ने चाचा की गोद में दी मुखाग्नि

7 वर्ष पहले
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रोहिणागांव निवासी सेना के 17 राजपूत रेजीमेंट के जवान कुंदनमल पारीक की राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि में ग्रामीणों का सैलाब उमड़ पड़ा। सिक्किम में सेना की 17 राजपूत रेजीमेंट में हवलदार कुंदनमल को उसके तीन साल के बेटे रितेश ने जब चाचा की गोद में दिवंगत पिता को मुखाग्नि दी तो माहौल काफी गमगीन हो गया। 17 राजपूत रेजिमेंट के कैप्‍टन विपिन शर्मा जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भागाराम छरंग ने पुष्पचक्र अर्पित कर सलामी दी। देश सेवा करते हुई सैनिक की मौत पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भागाराम छरंग सहित सेना के अधिकारियों ने उन्हें सलामी दी। इस दौरान बड़ीखाटू थानाधिकारी संपत सिंह के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सशस्त्र सलामी दी तो पूरे गांव में ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा कुंदनमल पारीक का नाम रहेगा’ और ‘भारत माता की जय’ के स्वर गूंज उठे। हवलदार कुंदनमल का तिरंगे में लिपटा शव रविवार सुबह 7 बजे रोहिणा गांव में सेना के कैप्टन विपिन शर्मा लेकर पहुंचे तो पूरे घर में कोहराम मच गया। वृद्ध माता सटूदेवी, प|ी संपतदेवी और तीन साल का बेटा रितेश फूट-फूट कर रो पड़े। कुंदनमल के भाई ताराचंद जगदीश भी जोर-जोर से रोने लगे। ग्रामीणों ने उन्हें मिलकर संभाला।

जायल. सेनाके 17 राजपूत रेजीमेंट के जवान कुंदनमल पारीक को मुखाग्नि देता तीन साल का पुत्र रितेश।

कोई भी स्थानीय अधिकारी नहीं आया

देशकी रक्षा के लिए सीमा पर डटे जवान कुंदनमल की मौत हार्ट अटैक से हो गई थी। उन्हें अंतिम समय सलामी देने के लिए उपखंड अधिकारी, वृत्ताधिकारी तहसीलदार सहित कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं आया। उपखंड अधिकारी मोहनलाल जाट ने बताया कि जिला सैनिक कल्याण विभाग की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई थी।