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परंपरागत की जगह तकनीकी खेती की आवश्यकता

7 वर्ष पहले
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झालावाड़. फार्म हाउस पर वर्मी कंपोस्ट यूनिट देखते इजराइल के वैज्ञानिक।

भास्कर न्यूज| झालावाड़

इजरायलीवैज्ञानिकों ने गुरुवार को संतरा बागीचों का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने किसानों को परंपरागत तरीके से खेती छोड़कर नई तकनीक के साथ खेती करने की सलाह दी। भास्कर से बातचीत में इजरायली वैज्ञानिक डॉ. डूबी रहबर ने बताया कि इजरायल और यहां की संतरे की खेती में बहुत बड़ा अंतर है। यहां परंपरागत खेती होती है, इसमें सुधार की जरूरत है। अच्छी किस्मों के और कीट रहित पौधे आने चाहिए। इन पौधों को आधुनिक तकनीक के साथ लगाया जाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में किस तरह के संतरों की मांग है, यह किसान को जानना चाहिए। इसी के हिसाब से संतरे की पैदावार हो, तो यहां की खेती उम्मीद से कहीं अधिक मुनाफा देगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान को एकदम रेगिस्तान जैसा समझते थे, लेकिन झालावाड़ में आकर देखा तो यहां का क्षेत्र काफी अच्छा लगा।

यहां हार्टीकल्चर का भविष्य बेहतर है। इजरायल के वैज्ञानिक अब समय-समय पर आकर यहां किसानों को सलाह देंगे और उनको इस फील्ड में सुधार के लिए प्रयास किए जाएंगे। इजरायल के वैज्ञानिक कोटा में सेंटर फॉर एक्सीलेंस अंतरराष्ट्रीय सेमीनार में आए हुए थे। उसी के साथ ही उन्होंने गुरुवार को झालावाड़ में भी भ्रमण किया। यहां सबसे पहले वह जूनाखेड़ा में ओम पाटीदार की नर्सरी पर पहुंचे। यहां उन्होंने संतरे की नर्सरी को देखा और पौध उत्पादन की जानकारी ली। इसके बाद वह भंवरासा स्थित प्रदीप शौरी के फॉर्म हाउस में पपीते के पौधों को देखा। यहां 9 हजार से अधिक पपीते के पौधे लगे हुए हैं। इनमें घुलनशील खाद देने का प्रयोग चल रहा है। इसके बाद वह देवरीघटा स्थित अतुल झाला के फॉर्म हाउस पर पहुंचे। इस फॉर्म हाउस में संतरे के पौधे देखे।

यहां उन्हें उन्नत किस्म की खेती दिखाई दी। उन्होंने यहां पर वर्मी कंपोस्ट यूनिट का भी निरीक्षण किया। यहां जैविक खाद बनाने के तरीके को समझा और इसे बेहतर बनाने के सुझाव दिए। इस अवसर पर उनके साथ इजरायल के वैज्ञानिक डेन ब्लूफ, महाराष्ट्र से डॉ. डीएम पंचवई, जयपुर के अतिरिक्त निदेशक उद्यान डॉ. एलएन कुमावत, संयुक्त निदेशक नर्सरी सुरेश गौतम, हरियाणा से डॉ. समर सिंह पूनिया, संयुक्त निदेशक उद्यान कोटा डॉ. रामावतार शर्मा, सेंटर फॉर एक्सीलेंस प्रभारी राशिद खान, सहायक निदेशक उद्यान कैलाश मीणा