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हाड़ौती में तीसरे चुनाव में जिंदा हुई कांग्रेस,भाजपा के बराबर आई
एक प्रधान ज्यादा बनाया कांग्रेस ने
पंचायतसमितियों की बात करें तो बारां के 7 में से 6 प्रधान कांग्रेस के बने, वहीं भाजपा का केवल एक प्रधान बन पाया। झालावाड़ की आठों समितियों में भाजपा के प्रधान बने। कोटा में भी 5 में से 3 प्रधान कांग्रेस के रहे, भाजपा के हिस्से में 2 प्रधान आए। बूंदी की 5 में समितियों में 4 कांग्रेस के पाले में रही, एक भाजपा ने जीती।
बूंदी में कांग्रेस ने जिला प्रमुख बनाया। परिणाम आने के बाद महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष ममता शर्मा ने प्रमुख सोनिया को बधाई दी। उस समय सोनिया घूंघट में पति के साथ थीं।
18 महिलाएं जीती
महिलाओंके लिए 16 सीटें रिजर्व थीं। लेकिन 18 महिलाएं जिला प्रमुख बनीं। कांग्रेस की 10 भाजपा की आठ।
भाजपा ने सीकर कांग्रेस ने बांसवाड़ा की सामान्य सीट पर महिला प्रत्याशी को मैदान में उतारा था। दोनों जगहों से महिलाएं चुनाव जीत गई। हालांकि, वर्ष 2010 के चुनाव में रिजर्व की तुलना में 19 महिलाएं जिला प्रमुख चुनी गई थी।
5 जिला प्रमुख निर्विरोध निर्वाचित
अजमेर,झालावाड़, पाली राजसमंद में भाजपा और जैसलमेर में कांग्रेस प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित।
भाजपा पांच साल में 13 कदम आगे
पिछलेपंचायत चुनाव में भाजपा के आठ जिला प्रमुख चुने गए थे, लेकिन इस बार 21 चुने गए। उधर, कांग्रेस के 12 जिला प्रमुख चुने गए। कांग्रेस को 12 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। पिछली बार बूंदी से निर्दलीय जिला प्रमुख चुने गए थे। यह सीट अबकी कांग्रेस के खाते में गई। कांग्रेस ने भाजपा से सवाई माधोपुर, कोटा नागौर जिला प्रमुख की सीट छीन ली है। यहां भाजपा के जिला प्रमुख थे।
पूरीसूची पेज 5
बीना सिंह, भरतपुर, भाजपा
सुशीला चौधरी, बीकानेर, कांग्रेस
वंदना नोगिया, अजमेर, भाजपा
मूलचंद मीणा, भाजपा, जयपुर
शांतिलाल मेघवाल, उदयपुर, भाजपा
पूनाराम चौधरी, भाजपा, जोधपुर
पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह हारीं
नवलगढ़में पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह ने निर्दलीय रूप में चुनाव जीतकर भाजपा की सदस्यता ली और प्रधान के लिए नामांकन भरा, लेकिन वे एक वोट से हार गईं। उधर, पिलानी से विधायक सुंदरलाल के बेटे कैलाश मेघवाल चिड़ावा पंचायत समिति के प्रधान बन गए।
वे निर्दलीय चुनाव लड़े थे। भाजपा ने उनके खिलाफ प्रधान का उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा।
झुंझुनूं में दोनों दल बराबर, निर्दलीय ने कांग्रेस को जिताया
झुंझुनूंमें सबसे दिलचस्प मुकाबला हुआ। जिला परिषद की 35 सीटों पर कांग्रेस भाजपा के 17-17 सदस्य चुने गए थे और एक सीट निर्दलीय ने जीती थी। निर्दलीय की मदद से कांग्रेस की सुमन ने यहां बाजी मारी।
लोकसभा में हारी पूर्व मंत्री की प|ी फिर प्रमुख बनीं
बांसवाड़ामें कांग्रेस की रेशम मालवीय जिला प्रमुख चुनी गई है। वे लगातार दूसरी बार इस पद पर चुनी गई है। कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं विधायक महेंद्र जीत सिंह मालवीय की प|ी रेशम बांसवाड़ा से लोकसभा का पिछला चुनाव हार गई थी।
भाजपा को 149, कांग्रेस को 107 की प्रधानी
पॉलिटिकल रिपोर्टर | जयपुर
जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव शनिवार को संपन्न हुए। भाजपा के 21 और कांग्रेस के 12 जिला प्रमुख बने। नागौर अलवर में बहुमत के बावजूद भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। यहां पर भाजपा सदस्यों ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ मतदान किया।
विधानसभा और लोकसभा में करारी हार के बाद कांग्रेस ने पंचायती राज चुनावों से हाड़ौती में जोरदार वापसी की है। भाजपा के सत्ता में रहते हुए इस बार भाजपा और कांग्रेस के दो-दो जिला प्रमुख बने, वहीं हाड़ौती की 25 पंचायत समितियों में से 13 पर कांग्रेस और 12 भाजपा ने प्रधान बनाए। एक सीट पर कांग्रेस ने बढ़त बनाई। झालावाड़ में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के बाद टीना भील को निर्विरोध जिला प्रमुख बनाया। बारां में भी भाजपा का जिला प्रमुख बना। कोटा और बूंदी में जिला प्रमुख कांग्रेस के चुने गए। झुंझुनूं में बराबर-बराबर सीटें हासिल करने के बावजूद कांग्रेस ने निर्दलीय की मदद से प्रमुख की सीट अपने कब्जे में कर ली। प्रदेश में 295 पंचायत समितियों में से रात 9 बजे तक 271 के परिणाम घोषित किए गए।
इनमें भाजपा 149 और कांग्रेस 107 प्रधान बनाने में कामयाब हुई। बसपा का भी एक प्रधान धौलपुर के सैंपऊ में चुना गया। निर्दलीय अन्य के 14 प्रधान बने। इनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों से आगे निकल गईं। प्रदेश में 152 महिला और 119 पुरुष प्रधान चुने गए हैं।
नागौर में जिला परिषद की 47 सीटों में भाजपा को 25 और कांग्रेस को 22 सीटें मिली थी। लेकिन कांग्रेस ने यहां भाजपा के वोटों में सेंध लगाई और अपना प्रमुख बनाने में कामयाब रही। भाजपा के तीन सदस्यों की क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस की सुनीता को 26 वोट मिले।
इसी तरह अलवर में कांग्रेस की रेखा यादव जिला प्रमुख चुनी गई। यहां 49 में से भाजपा को 30, कांग्रेस को 18 एक निर्दलीय सदस्य चुना गया था। भाजपा की जीत तय थी, लेकिन भाजपा सदस्यों की क्रॉस वोटिंग के चलते रेखा 25 वोट लेकर प्रमुख बन गई।
विजय सुरेन्द्र गोचर, कोटा, कांग्रेस